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फिटकरी का इस्तेमाल न केवल त्वचा का कालापन दूर करता है बल्कि त्वचा पर केमिकल्स के दुष्प्रभाव का खतरा भी कम हो जाता है। जानते हैं अंडआर्म्स के कालेपन को दूर करने के लिए किस प्रकार से तैयार करें फिटकरी स्प्रे।

गर्मी से राहत पाने के लिए अधिकतर लोग स्लीवलेस कपड़ों को अपने वॉर्डरोब में शामिल करते हैं। मगर अंडरआर्म्स में बढ़ने वाला कालापन मनचाहे कपड़ों को पहनने में झिझक का कारण साबित होता है। इससे राहत पाने के लिए लोग यू तो कई प्रकार के स्क्रब, ब्लीच और मॉइश्चराइज़र का इस्तेमाल करते हैं। मगर केमिकल्स का अत्यधिक प्रयोग स्किन संबधी समस्याओं को बढ़ाने का कारण सिद्ध होता है। इससे बचने के लिए फिटकरी का इस्तेमाल न केवल त्वचा का कालापन दूर करता है बल्कि त्वचा पर केमिकल्स के दुष्प्रभाव का खतरा भी कम हो जाता है। जानते हैं अंडआर्म्स के कालेपन को दूर करने के लिए किस प्रकार से तैयार करें फिटकरी स्प्रे। स्टेप्स के साथ जानें फायदे भी।


क्यों बढ़ने लगता है अंडरआर्म्स में कालापन

नेशनल इंस्टीट्यूट के अनुसार 7 से लेकर 74 फीसदी लोगों को डार्क आर्मपिट का सामना करना पड़ता है। इस कंडीशन को एन्थोसिस नाइग्रिकन कहा जाता है। इस बारे में बातचीत करते हुए डर्माटोलॉजिस्ट डॉ नवराज विर्क का कहना है कि एन्थोसिस नाइग्रिकन के चलते स्किन थिक और डार्क होने लगती है। इसके चलते स्किन के फोल्डस की त्वचा प्रभावित होने लगती है। खासतौर से अंडरऑर्म्स, कोहनी, घुटनों और गर्दन पर कालापन बढ़ जाता है।

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एन्थोसिस नाइग्रिकन के चलते स्किन थिक और डार्क होने लगती है। इसके चलते स्किन के फोल्डस की त्वचा प्रभावित होने लगती है। चित्र: शटरस्टॉक

जानें फिटकरी अंडरआर्म्स के लिए किस प्रकार से है कारगर

1. त्वचा के कालेपन को करे दूर

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार फिटकरी का इस्तेमाल करने से त्वचा के कालेपन को दूर करने के अलावा स्किन एक्सफ़ोलीएशन और पोर्स को टाइट करने में भी कारगर साबित होती है। इससे एक्ने मार्क्स भी कम हो जाते हैं। फिटकरी एक केमिकल कंपाउड है, जो सल्फेट और वॉटर मॉलीक्यूल्स से तैयार होती है। स्किन लाइटनिंग प्रापर्टीज़ से भरपूर फिटकरी कर इस्तेमाल करने से त्वचा पर बढ़ने वाली झाइयां, मुहांसें और ब्लैक हेड्स की समस्या हल हो जाती है।


2. एक्सफोलिएंटिंग प्रापर्टीज से भरपूर

फिटकरी स्प्रे का नियमित प्रयेग करने से त्वचा में बढ़ने वाली डेड स्किन सेल्स की समस्या को दूर किया जा सकता है। इससे त्वचा का कालापन धीरे धीरे कम होने लगता है। प्राकृतिक गुणों से भरपूर अंडरआर्म्स में अप्लाई करने से बैक्टीरियल इंफेक्शन का खतरा कम हो जाता है।

3. अंडरआर्म्स को दुर्गंध और स्वैटिंग से बचाए

फिटकरी में मौजूद डिओडोरेंट और एंटीपर्सपिरेंट प्रापर्टीज़ बैक्टीरिया को दूर कर स्वैटिंग को कम करने में मदद करती है। फिटकरी को अपने ब्यूटी रूटीन में शामिल करके शरीर की दुर्गंध दूर होती है। इसे बगल में लगाने से स्वैट ग्लैंड संकुचित होने लगते हैं, जिससे त्वचा अतिरिक्त पसीने की समस्या से मुक्ति मिल जाती है। फिटकरी से तैयार स्प्रे को दिन में दो बार अप्लाई करें। इससे त्वचा तरोताज़ा बनी रहती है।

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4. सन बर्न से करे प्रोटेक्ट

गमिर्या में अधिकतर लोग स्लीवलेस कपड़ों को पहनना पसंद करते हैं। ऐसे में यूवी रेज़ के संपर्क में आने से त्वचा हाइपरपिगमेंटेशन का शिकार होने लगती है। इससे अंडरआर्म्स में लालिमा और जलन का सामना करना पड़ता है। फिटकरी में पाई जाने वाली एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लामेटरी प्रापर्टीज त्वचा को जलन से बचाती है।

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शरीर के तापमान को नियंत्रित करने और पसीना कम करने के लिए हाइड्रेटेड रहना महत्वपूर्ण है। चित्र- अडोबी स्टॉक

कैसे करें डार्क अंडरआर्म्स के लिए फिटकरी स्प्रे तैयार

फिटकरी स्प्रे तैयार करने के लिए 1 चम्मच फिटकरी पाउडर में 2 चम्मच एलोवेरा जेल डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें।

एक गाढ़ा मिश्रण तैयार हो जाने के बाद उसमें आधा गिलास गुलाब जल डालें और उसे ब्लैण्ड कर दें।

तैयार मिश्रण को एक गिलास में निकालने के बाद उसमें 1 चम्मच बेकिंग सोडा को एड कर दें और एक तरल पदार्थ तैयार करें।

मिल्की व्हाइट स्प्रे तैयार होने के बाद उसे स्प्रे बॉटल में डालकर रखें और डार्क अंडरआमर्स पर स्प्रे करें।

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फिटकरी का इस्तेमाल करने से त्वचा के कालेपन को दूर करने के अलावा स्किन एक्सफ़ोलीएशन और पोर्स को टाइट करने में भी कारगर साबित होती है। चित्र : शटरस्टॉक

इस तरह करें फिटकरी स्प्रे का इस्तेमाल (The way to use phitkari spray)

नहाने से पहले अंडरआर्म्स में फिटकरी स्प्रे को लगाएं और 10 से 15 मिनट तक यूं ही रहने दें। उसके बाद सामान्य पानी से त्वचा को क्लीन कर लें। इसे दिन में दो से तीन बार प्रयोग कर सकते हैं। इससे स्किन ब्राइटनिंग में मदद मिलती है और त्वचा केमिकल्स के प्रभाव से मुक्त हो जाती है।


इन बातों का रखें ख्याल

परफ्यूम को त्वचा पर डायरेक्ट अप्लाई करने से बचें। इससे स्क्नि टोन प्रभावित होने लगती है।

हाइजीन का ख्याल रखें और अंडरआर्म्स को नियमित रूप से प्राकृतिक प्रोडक्टस की मदद से क्लीन करे।

तेज़ धूप में निकलने से पहले बाजूओं को कवर कर लें। अन्यथा टैनिंग का खतरा बना रहता है।

इसके अलावा बार बार शेविंग, वैक्सिंग और हेयर रिमूवल क्रीम का इस्तेमाल त्वचा का कालापन बढ़ा सकता है।

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