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नई दिल्ली: जैसा कि हम सब जानते है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जो कि एक आधुनिक तकनीक है उसका इस्तेमाल आजकल काफी हद तक बढ़ गया है। जैसे नए तकनीक से दुनिया को लाभ होता है, वैसे ही दुनिया के सामने इससे जुड़ी चुनौतियां और खतरें भी ज्यादा है। माइक्रोसॉफ्ट की डिजिटल डिफेंस रिपोर्ट से पता चला है कि AI का उपयोग करके साइबर हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है और भारत (India) सहित एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देश मुख्य रूप से हमलावरों के निशाने पर हैं। इसलिए, चिंताएं हैं कि AI के सकारात्मक के साथ-साथ नकारात्मक उपयोग भी हो रहा हैं। ऐसे में अब आशंका है कि AI के जरिए पुरे भारत पर बड़ा साइबर हम हो सकता है। 

ये क्षेत्र है रडार पर

मिली जानकारी के मुताबिक, दुनिया में कुल DDoS हमलों के मामले में भारत पांचवें स्थान पर है। इसमें उपयोगकर्ताओं को विभिन्न वेबसाइटों और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंचने में बाधाएं पैदा की जाती हैं। खासकर शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, परिवहन क्षेत्रों की सेवाओं पर हमले करना विशेष रूप से आसान हैं।

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आपको बता दें कि साइबर हमलावर एक विशिष्ट मेल लिखने और उसे लक्षित व्यक्ति को भेजने के लिए चैटजीपीटी का उपयोग करते हैं। इतना ही कई लोग इसके शिकार भी हो जाते हैं। इसलिए चैटजीपीटी जीतनी  फायदेमंद है इतनी ही घातक साबित भी हो सकती है। 

साइबर हमलों में 200% की वृद्धि

जानकारी के लिए आपको बता दें कि सितंबर 2022 के बाद दुनिया भर में मानव-संचालित रैंसमवेयर हमलों की संख्या में 200% की वृद्धि हुई है। जी हां और इतना ही नहीं बल्कि रैनसमवेयर हमले किसी विशिष्ट व्यक्ति के बजाय पूरे कार्यालय, विभाग या संगठन को लक्षित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। पहचान छिपाने के लिए हमलावर रिमोट-एन्क्रिप्शन के साथ क्लाउट तकनीक का भी उपयोग करते हैं। ऐसे में में यह और भी ज्यादा घातक साबित हो सकते है। 





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