एक ट्वीट के ज़रिये प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के बारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरवार को अपनी लक्षद्वीप यात्रा की तस्वीरें शेयर कीं, जहां उन्होंने वहां रहने वाले लोगों के साथ बातचीत की, प्राचीन समुद्र तट के शानदार नजारों का आनंद लिया और scolling भी की। उन्होंने कई तस्वीरें शेयर करते हुए ट्वीट किया, “मैं अभी भी लक्षद्वीप के द्वीपों की आश्चर्यजनक सुंदरता और यहां के लोगों की अविश्वसनीय गर्मजोशी से आश्चर्यचकित हूं।”

पीएम मोदी ने लक्षद्वीप में 1,150 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया और उनकी सरकार के पिछले 10 वर्षों में पूरी हुई कई अन्य परियोजनाओं का उल्लेख किया।

लक्षद्वीप की प्राकृतिक सुंदरता को मद्देनज़र रखते हुए, पीएम मोदी ने इस द्वीपसमूह को भारत के साहसी लोगों के लिए एक जरूरी यात्रा बताया। नए साल में यह उनकी पहली यात्रा थी और चुनाव से पहले बीजेपी के ‘मिशन दक्षिण’ की शुरुआत थी।गृह मंत्री अमित शाह ने लक्षद्वीप के लिए पीएम मोदी के पर्यटन प्रोत्साहन को दोहराया और द्वीपसमूह के “मनमोहक समुद्र तटों, नीले पानी के लैगून और बहुत कुछ” की तारीफ़ की।

अमित शाह ने ट्वीट किया, “लक्षद्वीप में वैश्विक पर्यटन स्थल बनने की अपार संभावनाएं हैं। लक्षद्वीप को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आभार, इससे निश्चित रूप से पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और इस तरह यहां के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठेगा।”

हालाँकि, पीएम मोदी की लक्षद्वीप यात्रा जैसी दिखती है वैसी नहीं थी बल्कि उससे कहीं अधिक थी।

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “लक्षद्वीप सिर्फ द्वीपों का एक समूह नहीं है; यह परंपराओं की एक कालातीत विरासत है और अपने लोगों की भावना का प्रमाण है। मेरी यात्रा सीखने और बढ़ने की एक समृद्ध यात्रा रही है।”

पीएम मोदी ने ये भी आग्रह किया कि लोग सिर्फ पर्यटन स्थल के रूप में नहीं बल्कि शादियों और पर्यटन दोनों के लिए लक्षद्वीप को चुने। पिछले साल नवंबर में, उन्होंने विभिन्न “बड़े परिवारों” के बीच विदेशों में शादियों के आयोजन की प्रवृत्ति पर सवाल उठाया था और ऐसे आयोजनों को ‘वेड इन इंडिया (Wed in India)’ के हिस्से के रूप में देश के भीतर ही आयोजित करने का आग्रह किया था।

उन्होंने पिछले महीने देहरादून में उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट (Uttarakhand Funding Summit) में अपने भाषण के दौरान भारतीयों से इस हिमालयी पहाड़ी राज्य में कम से कम “एक डेस्टिनेशन वेडिंग” करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया (Make In India)’ की तरह, ‘वेड इन इंडिया (Wed In India)’ के नाम से जाना जाने वाला एक नया आंदोलन शुरू होना चाहिए, और देश की ताकत और क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए युवा नागरिकों को भारत के अन्दर ही शादी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

पीएम मोदी ने गुरुवार को एक्स पर पोस्ट किया, “उन लोगों के लिए जो अपने अंदर के रोमांच को अपनाना चाहते हैं, लक्षद्वीप को आपकी सूची में होना चाहिए। अपने प्रवास के दौरान, मैंने स्नॉर्कलिंग की भी कोशिश की – यह कितना रोमांचक अनुभव था।”