दरअसल एआईएडीएमके अमित शाह की हाल की चेन्नई यात्रा के दौरान की गई कथित टिप्पणियों से नाराज हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि बीजेपी, एआईएडीएमके को दरकिनार कर विपक्ष की जगह लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन एआईएडीएमके कैडर भगवा पार्टी को छोड़ने के मूड में हैं।

फोटोः सोशल मीडिया
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तमिलनाडु में सत्ता में आने का सपना देख रही बीजेपी को जल्द ही करारा झटका लग सकता है, क्योंकि 2019 के लोकसभा और 2021 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद एआईएडीएमके अब राज्य में प्रासंगिक बने रहने के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें बीजपी को छोड़ने पर भी विचार हो रहा है।

दरअसल इसके पीछ बीजेपी के हालिया कदम हैं, जिससे एआईडीएमके असुरक्षित महसूस कर रही है। हाल के एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके के अंतरिम महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जब राज्य के निजी दौरे पर थे तो उन्हें मिलने की कोई आवश्यकता नहीं थी। हालांकि, उन्होंने विपक्ष के नेता के रूप में तमिलनाडु यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।

पलानीस्वामी के बयान को एआईएडीएमके का प्रमुख राजनीतिक बयान माना जाता है, जो अमित शाह की हाल की चेन्नई यात्रा के दौरान की गई कथित टिप्पणियों से नाराज हैं। पार्टी पदाधिकारियों के साथ एक बैठक में शाह ने कहा था कि अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) गहरे संकट में है और डीएमके वंशवादी पार्टी में बदल गई है, ऐसे में बीजेपी के पास राज्य में पैर जमाने की सभी संभावनाएं हैं।

कथित टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए एआईएडीएमके नेतृत्व ने अपने गठबंधन सहयोगी के बारे में सख्त बात की। एआईएडीएमके के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “हम 2024 के लोकसभा चुनाव को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और हम सभी गठबंधनों के लिए खुले हैं। बीजेपी को समझना चाहिए कि हम सत्ता से बाहर हैं और हमारी कोई मजबूरी नहीं है। हमारा समय एकदम सही है और हम 2026 के विधानसभा चुनावों में अधिक रुचि रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी, एआईएडीएमके को दरकिनार करने और विपक्ष की जगह लेने की कोशिश कर रही है, लेकिन एआईएडीएमके कैडर भगवा पार्टी (बीजपी) को छोड़ने के मूड में हैं।”

विश्वसनीय रूप से पता चला है कि एआईएडीएमके फिर से नया गठबंधन करके पुरानी पार्टी के साथ 2024 के आम चुनाव लड़ने की कोशिश कर रही है। एआईएडीएमके नेताओं ने यह भी कहा कि 2019 के आम चुनावों में तमिलनाडु की 39 में से 38 सीटों पर पार्टी के हारने के साथ, यह 2024 के आम चुनावों पर ज्यादा ध्यान केंद्रित नहीं कर रही है और इसका मुख्य उद्देश्य 2026 में तमिलनाडु में सत्ता हासिल करना है। एक वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि एआईएडीएमके अब एक अखंड इकाई है और पलानीस्वामी पार्टी के एकमात्र नेता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अपदस्थ नेता ओ पन्नीरसेल्वम की एआईएडीएमके मामलों में कोई भूमिका नहीं है।




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