विधायक दल के नए नेता चंपई सोरेन ने बुधवार रात ही राजभवन में सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन राजभवन ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। हालांकि, दोपहर बाद राज्यपाल ने संदेश भेजकर चंपई सोरेन को 5 लोगों के साथ शाम साढ़े 5 बजे मिलने का समय दिया है।

झारखंड में नई सरकार पर सस्पेंस बरकरार
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बिहार में हाल में जब नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया, तो कुछ ही घंटे में राज्यपाल उन्हें बीजेपी के साथ सरकार बनाने का न्यौता दे दिया था। लेकिन झारखंड में हेमंत सोरेन के सीएम पद से इस्तीफे के करीब 17 घंटे बाद भी नई सरकार को लेकर सस्पेंस बना हुआ है और नई सरकार के गठन का इंतजार लंबा होता जा रहा है।

जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन के विधायक दल के नए नेता चंपई सोरेन ने बुधवार की रात ही राजभवन पहुंचकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन इसपर राजभवन ने अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है। हालांकि, दोपहर बाद राज्यपाल भवन ने संदेश भेजकर चंपई सोरेन को 5 लोगों के साथ शाम साढ़े 5 बजे मिलने का समय दिया है।

नई सरकार के गठन में देरी से राज्य में सियासी ऊहापोह की स्थिति के बीच सत्तारूढ़ गठबंधन के करीब 40 विधायक बुधवार रात से ही रांची के सर्किट हाउस में रुके हुए हैं। उन्हें कहा गया है कि नई सरकार के गठन के साथ सभी विधायक एक साथ रहेंगे। ताकि राजभवन की ओर से आमंत्रण मिलते ही तुरंत नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी हो सके।

चंपई सोरेन ने सरकार बनाने का दावा करते हुए राज्यपाल को जो पत्र सौंपा है, उसपर 43 विधायकों के हस्ताक्षर हैं और चार अन्य विधायकों यानी कुल 47 विधायकों के समर्थन का दावा किया गया है। जिन चार विधायकों के हस्ताक्षर पत्र में नहीं हैं, वे फिलहाल राज्य के बाहर हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए मैजिक नंबर 41 है। चंपई सोरेन ने कहा है कि उन्हें राजभवन से बुलावे का इंतजार है। एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि राज्य में नई सरकार के गठन होने तक केंद्र सरकार अल्पकाल के लिए राष्ट्रपति शासन लगा सकती है।


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