कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि 48 विधायकों का समर्थन होने के बावजूद चंपई सोरेन को सरकार बनाने का न्योता ना देना साफ तौर पर संविधान की अवमानना और जनमत को नकारना है। महमाहिमों द्वारा भारतीय लोकतंत्र के ताबूत में एक-एक करके कीलें ठोकी जा रही हैं।

चंपई सोरेन ने गठबंधन के सभी 43 विधायकों की परेड का वीडियो जारी किया, राज्यपाल पर उठे सवाल
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झारखंड में हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद राज्यपाल की ओर से हो रही देरी से नई सरकार के गठन पर गहराते सस्पेंस के बीच जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन के नेता चंपई सोरेन ने सभी 43 विधायकों की परेड करवाते हुए वीडियो जारी किया  है। वीडियो में जेएमएम, कांग्रेस, आरजेडी और सीपीआई-एमएल के सभी विधायक साथ नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के बाद राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।

गठबंधन के विधायकों की परेड का वीडियो जारी करते हुए जेएमएम विधायक और पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि यह एकजुटता झारखंड की अस्मिता के लिए है। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए है। अराजकता/तानाशाही/निरंकुशता को थामने के लिए है। अश्वमेध का घोड़ा पकड़ा गया है। माननीय हेमंत सोरेन जी ने घोड़े की लगाम थामी है। लड़ाई जारी रहेगी…अंतिम सांस तक।

वहीं, चंपई सोरेन के साथ गठबंधन के विधायकों की परेड के वीडियो को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक्स पर पोस्ट कर राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाया है। खड़गे ने कहा कि 81 विधायकों के सदन में 41 ही बहुमत होता है। 48 विधायकों का समर्थन होने के बावजूद चंपई सोरेन जी को सरकार बनाने का न्योता ना देना साफ़ तौर पर संविधान की अवमानना और जनमत को नकारना है। महमाहिमों द्वारा भारतीय लोकतंत्र के ताबूत में एक-एक करके कीलें ठोकी जा रही हैं।

इससे पहले हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन के नए नेता चुने गए चंपई सोरेन ने गुरुवार शाम राजभवन पहुंचकर सरकार बनाने के लिए एक बार फिर दावेदारी पेश की, लेकिन, राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि वह इस बारे में अपना निर्णय अगले दिन बताएंगे। राजभवन से निकले चंपई सोरेन ने कहा कि हमने कल भी नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था। राज्यपाल शपथ ग्रहण का समय नहीं दे रहे हैं।

इसके पहले चंपई सोरेन ने गुरुवार दोपहर राज्यपाल को एक पत्र भी लिखा था। इसमें उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद ही मेरे नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश किया गया है। हमने 47 विधायकों के समर्थन के दावे और 43 विधायकों की साइन का समर्थन पत्र आपको सौंपा है। 43 विधायक बुधवार को राजभवन के गेट के बाहर भी खड़े थे। पिछले 18 घंटों से राज्य में कोई सरकार नहीं है। इससे असमंजस की स्थिति है। इसलिए आग्रह है कि सरकार बनाने के लिए हमें बुलाया जाए।


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