लोकसभा की सुरक्षा में चूक के मामले पर पीएम मोदी और गृह मंत्री के बयान की विपक्षी सांसदों की मांग पर आज जवाब के बजाय 15 सांसदों को ही पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया।

खड़गे ने राज्यसभा सभापति को लिखा पत्र, सुरक्षा चूक पर हो चर्चा, गृह मंत्री के बयान की मांग
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एक दिन पहले बुधवाक को संसद की सुरक्षा में हुई गंभीर चूक पर राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखा है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्र में कहा है कि यह मामला बहुत गंभीर हैं, इसलिए इस पर राज्यसभा के नियमों और प्रक्रिया के नियम 267 के तहत चर्चा होनी चाहिए और गृह मंत्री को बयान देना चाहिए। बुधवार को संसद हमले की 22वीं बरसी के दिन ही संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया था, जिसके बाद से इसे लेकर संसद में हंगामा जारी है।

चर्चा हो और गृह मंत्री बयान देंः खड़गे

इस मामले को लेकर राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति को पत्र लिखकर कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मैं इंडिया गठबंधन के नेताओं के परामर्श से इस विचार पर पहुंचा हूं कि, यह मामला इतना महत्वपूर्ण है कि इसे राज्यसभा के नियमों और प्रक्रिया के नियम 267 के तहत उठाया जाना चाहिए। इसके अलावा, जब तक गृह मंत्री अमित शाह मामले पर बयान नहीं देते और उसके बाद नियम 267 के तहत चर्चा नहीं होती, तब तक सदन में कोई अन्य कार्य करने या यहां तक कि “इस मामले को सुलझाने” की दृष्टि से किसी बैठक का भी कोई औचित्य नहीं है।

क्या कहता है नियम 267

गौरतलब है कि राज्यसभा की रूल बुक में नियम 267 को परिभाषित किया गया है। इसके अनुसार संसद का कोई भी सदस्य किसी मत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दे पर चर्चा के लिए दिन भर के सूचीबद्ध एजेंडे को रोकने का नोटिस प्रस्तुत कर सकता है। संसद की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक पर जवाबदेही से भाग रही मोदी सरकार से जवाब मांगने के लिए ही कांग्रेस अध्यक्ष ने इस नियम के तहत चर्चा की मांग की है।

जवाब की मांग कर रहे 15 विपक्षी सांसद सस्पेंड

वहीं लोकसभा की सुरक्षा में चूक के मामले पर पीएम मोदी और गृह मंत्री के बयान की विपक्षी सांसदों की मांग पर आज जवाब के बजाय 15 सांसदों को ही पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया। आज बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के खिलाफ एक्शन की मांग को लेकर हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों को सदन से सस्पेंड करने का प्रस्ताव सदन के अंदर रखा, जिसे सदन द्वारा स्वीकार करने के बाद 14 सांसदों को शीतकालीन सत्र की बची हुई अवधि के लिए सस्पेंड कर दिया गया। वहीं इससे पहले राज्यसभा से टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को सस्पेंड किया गया। संसद से जिन 15 सांसदों को सस्पेंड किया गया है, उनमें से 9 कांग्रेस, 2 सीपीएम, 2 डीएमके और एक सीपीआई के सांसद हैं।


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