ट्रांसफॉर्मर्स यानी कि ऐसे रोबॉट्स जो बतौर कार या ट्रक के रूप में अपनी पहचान छिपाकर इंसानों के बीच मौजूद हैं। ऑटोबॉट्स कहे जाने वाले अपनी तरह के इन अनोखे रोबॉट्स पर बनी ‘ट्रांसफॉर्मर्स फ्रेंचाइजी’ भारतीय दर्शकों के बीच भी काफी पॉपुलर है। इस सीरीज की सातवीं फिल्म ‘Transformers: Rise of the Beasts’ स‍िनेमाघरों में रिलीज हो गई है। स्टीवन केपल जूनियर फिल्‍म के डायरेक्‍टर हैं। साल 2007 में इस फ्रेंचाइजी की पहली फिल्‍म रिलीज हुई थी। दिलचस्‍प है कि तब से अब तक रिलीज सभी छह फिल्‍मों को दर्शकों ने खूब प्‍यार दिया है।

‘ट्रांसफॉर्मर्स: राइज ऑफ द बीस्ट्स’ की कहानी

फिल्‍म की कहानी बहुत समय पहले के दौर में शुरू होती है, जहां खौफनाक दरिंदा यूनिकॉर्न अपनी भूख मिटाने के लिए नए-नए ग्रहों पर तबाही मचाना चाहता है। दूसरी दुनिया का दरवाजा खोलने के लिए उसे एक चाबी की जरूरत है, जो मैक्सिमल्स (रोबॉट और जानवरों के मिले जुले स्वरूप) के पास है। यूनिकॉर्न उस चाबी को लाने के लिए अपनी हैवानों की फौज को भेजता है। लेकिन मैक्सिमल्स का मुखिया अपनी कुर्बानी देकर बाकी साथियों को चाबी देकर भगा देता है।

इसके बाद फिल्‍म की कहानी सीधे नब्बे के दशक में पहुंच जाती है, जहां एक महिला वैज्ञानिक को छिपाई गई वह चाबी मिल जाती है। इसके बाद शुरू होती है, उस चाबी को पाने की जंग। एक ओर ऑटोबॉट्स उस चाबी की मदद से अपनी दुनिया में वापस जाना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर शैतान उसकी मदद से और ज्यादा ताकतवर होना चाहता है। इसी दौरान ऑटोबॉट्स को एक ऐसे इंसान का साथ मिलता है, जो कि हैवान यूनिकॉर्न से अपनी दुनिया को बचाना चाहता है। ऑटोबॉट्स को पृथ्वी पर छिपकर चाबी की रक्षा कर रहे मैक्सिमल्स का भी पता लगता है। दानव यूनिकॉर्न के खिलाफ जंग में इंसान, ऑटोबॉट्स व मैक्सिमल्स कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लेते हैं। इस जंग का अंजाम जानने के लिए आपको सिनेमाघर जाना होगा।

‘ट्रांसफॉर्मर्स: राइज ऑफ द बीस्‍ट्स’ का हिंदी ट्रेलर

‘ट्रांसफॉर्मर्स: राइज ऑफ द बीस्ट्स’ मूवी रिव्‍यू

‘ट्रांसफॉर्मर्स’ फ्रेंचाइजी की फिल्मों के चाहने वालों के लिए यह फिल्म एक ट्रीट की तरह है। इसमें ऑटोबॉट्स और मैक्सिमल्स के हैरतअंगेज एक्शन सीन्स हैरान कर देते हैं। इसके अलावा फिल्म यह संदेश भी देती है कि अगर दो लोगों का दुश्मन एक है, तो आपको एक टीम बनाकर उसका मुकाबला करना चाहिए। फिर चाहे आप इंसान हों या रोबॉट।

इस सीरीज की फिल्मों में पहली बार इंसान को रोबॉट्स की लड़ाई का हिस्सा बनते दिखाया गया है। फिल्म की कहानी शुरुआत से ही आपको बांध लेती है। जबकि सेकंड हाफ में कहानी काफी तेजी से आगे बढ़ती है। फिल्म में एक्शन और इमोशन के साथ कॉमेडी का तड़का भी लगाने की पूरी कोशिश की गई है।

यदि आप फिल्‍म हिंदी डबिंग में देख रहे हैं तो कई डायलॉग्स बड़े मजेदार हैं। फिल्म के क्लाईमैक्स में हुई जंग के जोरदार विजुअल्स आपके पैसे वसूल कर देते हैं। मशहूर ऑटोबॉट्स बंबलबी और ऑप्टिमस प्राइम के चाहने वालों के लिए फिल्म में काफी कुछ है।

क्‍यों देखें- अगर आप ‘ट्रांसफॉर्मर्स’ फ्रेंचाइजी की फिल्मों के फैन हैं, तो इस हफ्ते पूरी फैमिली के साथ इस फिल्म का 3D वर्जन में मजा जरूर लें।



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