सर्द हवाओं से खुद को बचाने के लिए लोग सर्दियों के दिनों में घर से बाहर निकलने से कतराते हैं, जिससे वर्कआउट रूटीन प्रभावित होने लगता है। इसके अलावा शरीर को वॉर्म रखने के लिए इन दिनों कैफीन इनटेक बढ़ाने के साथ ओवरइटिंग (over eating) भी करने लगते हैं। इससे शरीर में कैलोरीज़ बढ़ने लगती हैं। वर्कआउट रूटीन (workout routine) नियमित न होने के चलते शरीर में चर्बी जमा होने लगती है। खराब जीवनशैली वेटगेन का कारण बनने लगती है, जिससे शरीर में कई समस्याओं का खतरा बढ़ने लगता है। जानते हैं वो टिप्स जिनकी मदद से विंटर वेटगेन से बचा जा सकता है (Tips to avoid winter weight gain)।


अनियमित खान पान की आदतों में लाएं सुधार

अमेरिकन जर्नल ऑफ़ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलोजी के अनुसार 45 वर्ष के बाद जैसे जैसे उम्र बढ़ती है। उससे मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है, जो वजन बढ़ने का कारण साबित होता है। ऐसे में अनियमित खानपान वेटगेन की समस्या का बढ़ा देता है। इसके अलावा कैलोरी.बर्निंग इंजन लीन मांसपेशियां भी कम होने लगती है। इससे शरीर में वेटलॉस आसानी से नहीं हो पाता है।

इस बारे में बातचीत करते हुए नूट्रिशनिस्ट एंव डायटीशियन मनीषा गोयल का कहना है कि एक साथ हैवी मील्स लेने की जगह छोटी मील्स लें और फाइबर व प्रोटीन रिच फूड (protein rich food) को डाइट में शामिल करें। इससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और बार बार भूख लगने की समस्या हल हो जाती है। साथ ही सर्दियों में शारीरिक गतिविधियों को नियमित बनाए रखना ज़रूरी है। खान पान की आदतों में सरल बदलाव ओवर इटिंग की समस्या से बचाते हैं और वेटलॉस में मदद मिलती है।

जानते हैं विंटर वेटगेन से बचने के कुछ आसान टिप्स।

1. तनाव में रहने से बचें

एनआईएच के अनुसार सर्दी के दिनों में घर में कैद रहने से तनाव की समस्या बढ़ने लगती है। इससे शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने लगता है। इस हार्मोन का उच्च स्तर वजन बढ़ने का कारण बनने लगता है, जिससे जंकफूड की क्रेविंग बढ़ने लगती है। ऐसे में खुद को तनाव रहित रखने के लिए कुछ वक्त अपनी पंसदीदा एक्टीविटीज़ के लिए निकालें। इससे वेटगेन की समस्या से बचा जा सकता है।


खुद को तनाव रहित रखने के लिए कुछ वक्त अपनी पंसदीदा एक्टीविटीज़ के लिए निकालें। इससे वेटगेन की समस्या से बचा जा सकता है। चित्र: अडोबी स्टॉक

2. डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं

प्रोटीन एक बॉडी बिल्डिंग ब्लॉक है। इसके सेवन से न सिर्फ शरीर में पूर्णता आती है बल्कि वेटगेन का जोखिम भी कम हो जाता है। दरअसल, प्रोटीन रिच डाइट से बार बार भूख लगने की समस्या हल हो जाती है। साथ ही शरीर में बढ़ने वाली अत्यधिक कैलोरीज़ से भी बचा जा सकता है। इसके सेवन से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, जो ओवरऑल शरीर को मज़बूती प्रदान करता है।

3. इंडोर एक्सरसाइज़ करें

सर्दी के मौसम से बचने के लिए इंडोर एक्सरसाइज़ को नियमित तौर पर करें। दिनभर में कुछ वक्त मेडीटेशन, योग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें। इससे शरीर में जमा होने वाली कैलोरीज़ को आसानी से बर्न किया जा सकता है। एक्सरसाइज़ करने से मांसपेशियों में खिंचाव आता है। इससे शरीर हेल्दी और एक्टिव बना रहता है। शरीर को हेल्दी बनाए रखने के लिए शारीरिक गतिविधि आवश्यक है।

4. माइंडफुल इंटिग है ज़रूरी

ज्यादा मीठा या तला हुआ खाने से बचें। जंक फूड को ओटमील या फ्रूटस से रिप्लेस करें। इससे शरीर में मौजूद कैलोरीज़ का काउंट कम होने लगता है। साथ ही हृदय और डायबिटीज़ संबधी समस्याओं से भी बचा जा सकता है। वेटगेन से बचने के लिए लार्ज मील्स की जगह थोड़ी थोड़ी देर बाद स्मॉल मील्स लें।


Mindful eating hai jaruri
वेटगेन से बचने के लिए लार्ज मील्स की जगह थोड़ी थोड़ी देर बाद स्मॉल मील्स लें। चित्र : शटरस्टॉक

5. भरपूर नींद लें

कम सोने के कारण भी बार बार खाने की क्रेविंग बढ़ने लगती है, जो वेटगेन का कारण साबित होती है। एनआईएच के अनुसार नींद पूरी न लेने से हंगर हार्मोन बढ़ने लगता है, जो कैलोरी इनटेक का कारण बनने लगता है। इसके अलावा अपर्याप्त नींद से मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। ऐसे में नियम से सोना और उठना बेहद ज़रूरी है।

ये भी पढ़ें- Chest Workout के लिए ये 5 एक्सरसाइज, वर्कआउट रूटीन में जरूर करें शामिल



Source link