ऑयली फिश (Oily fish) मछलियों का एक प्रकार है। असल में कई प्रकार के ऑयली फिश मौजूद हैं, जो सेहत के लिए तमाम रूपों में फायदेमंद हो सकते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड के अलावा इनमें कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो समग्र सेहत को बढ़ावा देते हैं। आज इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हम लेकर आए हैं, ऑयली फिश के फायदों से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी।

हेल्थ शॉट्स ने इस बारे में मणिपाल हॉस्पिटल विजयवाडा की डाइटिशियन नंदिनी अलापति से बात की। डायटीशियन ने ऑयली फिश के कई महत्वपूर्ण फायदे बताएं हैं। तो चलिए जानते हैं, यह हमारी सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद हो सकती हैं (oily fish benefits)।

यहां जानें कुछ ऑयली फिश के नाम

ट्राउट (trout)
सैमन (salmon)
सार्डिन (sardines)
छोटी समुद्री मछली (mackerel)
हिलसा (herring)
टूना (tuna)
पिलचर्ड्स (pilchards)
ईल (eels)
किपर्स (kippers)
व्हाइटबैट (whitebait)

ऑयली फिश सेहत के लिए तमाम रूपों में फायदेमंद हो सकते हैं। चित्र : अडोबी स्टॉक

यहां जानें ऑयली फिश सेहत के लिए किस तरह से हो सकती है फायदेमंद (oily fish benefits)

1. हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा दे

ऑयली फिश का सेवन हृदय संबंधी समस्याओं में बेहद प्रभावी रूप से कार्य करता है। अमेरिकन फिजियोलॉजिकल सोसायटी द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार फैटी फिश आयल मानसिक तनाव होने पर हृदय की रक्षा करते हैं, और इस दौरान होने वाली हृदय संबंधी समस्याएं जैसे कि हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम कर देते हैं।

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2. कम हो जाता है अर्थराइटिस का जोखिम

एनल्स ऑफ द रूमेटिक डिजीज जर्नल द्वारा प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार नियमित रूप से उचित मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड लेने से, अर्थराइटिस के खतरे को कम किया जा सकता है। वहीं अन्य शोध से पता चलता है, कि ओमेगा-3 फैटी एसिड भविष्य में अर्थराइटिस के विकास से भी आपकी रक्षा कर सकता है। ऑयली फिश ओमेगा 3 फैटी एसिड का एक बेहतरीन स्रोत है। ओमेगा 3 एसिड के आपूर्ति के लिए आप इन्हें अपनी नियमित डाइट में शामिल कर सकती हैं।

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40 से लेकर 60 साल के लोगों में आमतौर पर इसके लक्षण नज़र आने लगते हैं। चित्र अडोबी स्टॉक

3. डिमेंशिया की स्थिति में कारगर है

जो लोग शराब का अधिक सेवन करते हैं, उनमें मानसिक स्थितियां जैसे कि डिमेंशिया के विकसित होने का संभावना अधिक होता है। ऐसे में मछली का तेल इस स्थिति से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। एक शोध के अनुसार मछली के तेल और शराब के मिश्रण के संपर्क में आने वाली मस्तिष्क कोशिकाओं में केवल शराब के संपर्क में आने वाली मस्तिष्क कोशिकाओं की तुलना में 95 प्रतिशत कम न्यूरोइन्फ्लेमेशन और न्यूरोनल मृत्यु हुई।

4. माउथ और स्किन कैंसर को विकसित होने से रोके

ऑयली फिश के सेवन से माउथ और त्वचा कैंसर के शुरुआती और अंतिम चरण1 से बचा सकता है। ऑयली फिश में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड घातक और पूर्व घातक सेल्स के विकास को लक्ष्य करने और इन्हें रोकने में मदद करते हैं। उचित मात्रा में फैटी फिश के सेवन से सामान्य सेल्स पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ता।

5. आंखों की रोशनी और मेमोरी बढ़ाने में मददगार

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन के अनुसार ऑयली फिश के सेवन और बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रौशनी कम होने के बीच सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। ऑयली फिश सेवन आंखों की रोशनी को लंबे समय तक बरकरार रख सकता है। इसके अलावा अन्य स्टडी के अनुसार इनका सेवन अल्जाइमर और डिमेंशिया के खतरे को कम करते हुए याददाश्त को बढ़ावा देता है।

garmi me salmon ko healthy tarike se pakakar khaana chahiye
अच्छी तरह साफ़ सैल्मन को हल्दी, नमक, काली मिर्च, लहसुन के पेस्ट और 1 टी स्पून तेल के साथ मिला लें। इसे पैन या ओवन में पका लें। चित्र : पेक्सेल्स

जानें कैसे करना है ऑयली फिश को डाइट में शामिल

ऑयली फिश को सलाद के रूप में डाइट का हिस्सा बना सकती हैं। साथ ही साथ मीट के सब्सीट्यूट के तौर पर या सैंडविच फीलिंग के तौर पर इन्हें डाइट में शामिल करना भी एक अच्छा आईडिया है। हल्के मसले और ऑलिव ऑयल की मदद से फिश फ्राई रेडी कर सकती हैं। फिश करी भी बेहद स्वादिष्ट होते हैं।

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