कई बार ऐसा होता है कि सही चीजें खाने से आपका स्वास्थ्य बन भी सकता है और बिगड़ भी सकता है। स्वास्थ्य समस्याओं को दूर रखने के लिए अपने आहार में सही प्रकार के भोजन को शामिल करना बहुत जरूरी होता है। ऐसा ही कुछ यूरिक एसिड के साथ भी है कुछ खाद्य पदार्थ खाने से यूरिक एसिड बढ़ सकता है और समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कई और कारण भी हो सकते है यूरिक एसिड बढ़ाने के इसलिए सबसे पहले जानते है ये है क्या और इसके बढ़ने से गठिया जैसी समस्या पैदा हो सकती है।


क्या होता है यूरिक एसिड

वेट लॉस एक्सपर्ट और डायटिशियन शिखा कुमारी बताती हैं कि यूरिक एसिड एक वेस्ट प्रोडक्ट है जो तब बनता है जब शरीर प्यूरिन को तोड़ता है, जो कुछ खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले यौगिक होते हैं और शरीर द्वारा उत्पादित भी होते हैं। यह मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर होता है। रक्त में यूरिक एसिड का उच्च स्तर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जैसे गाउट, एक प्रकार का गठिया, या किडनी की पथरी। इन समस्याओं से बचने के लिए शरीर में यूरिक एसिड का स्वस्थ संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

हाई यूरिक एसिड किडनी और हार्ट हेल्थ को भी नुकसान पहुंचा सकता है। चित्र: शटरस्टॉक

प्यूरिन हमारे शरीर में RNA और DNA के रुप में मौजूद होता है। जीवित चीजों में आनुवंशिक जानकारी को स्टोर और स्थानांतरण के लिए प्यूरिन आवश्यक हैं। एडेनिन और गुआनिन डीएनए और आरएनए में पाए जाने वाले दो सबसे प्रसिद्ध प्यूरीन आधार हैं। वे जेनेटिक कोडिंग और प्रोटीन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्यों बढ़ जाता है यूरिक एसिड

बढ़े हुए युरिक एसिड को हाइपरयुरिसीमिया कहा जाता है। आम तौर पर, यूरिक एसिड किडनी द्वारा फिल्टर किया जाता है और मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है। हालांकि, जब यूरिक एसिड का स्तर बहुत अधिक हो जाता है और इसे खत्म करने की किडनी की क्षमता भी नहीं होती है, तो हाइपरयुरिसीमिया विकसित हो सकता है।


हाइपरयुरिसीमिया को किसी बीमारी के रूप में नहीं देखा जाता है, लेकिन ये अक्सर अन्य स्वास्थ्य स्थितियों को पैदा कर सकता है। हाइपरयुरिसीमिया से संबंधित सबसे प्रसिद्ध समस्या गाउट है, एक प्रकार का गठिया जो तब होता है जब यूरिक एसिड क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो जाते हैं, जिससे दर्दनाक सूजन हो जाती है।

जानिए यूरिक एसिड बढ़ने के सामान्य कारण (common causes of uric acid)

असंतुलित आहार- रेड मीट, ऑर्गन मीट, सी फूड और कुछ नशीले पेय पदार्थ जैसे प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों से भरपूर आहार का सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है।

मोटापा – शरीर का अधिक वजन हाइपरयूरिसीमिया और गाउट के उच्च जोखिम से जुड़ा होता है।

जेनेटिक समस्याएं – कुछ व्यक्तियों में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने का आनुवंशिक कारण भी हो सकता है।

किडनी का खराब होना – किडनी का ठिक तरह से काम न करने से यूरिक एसिड को बाहर निकालन में परेशानी हो सकती है, जो हाइपरयुरिसीमिया में कारण बन सकती है।

बढ़ते हुए यूरिक एसिड को इन तरीकों से करें नियंत्रित (How to control uric acid)

1 प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों को कम करे

शिखा कुमारी बताती हैं कि प्यूरीन विभिन्न खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाले प्राकृतिक यौगिक हैं, और शरीर उन्हें यूरिक एसिड में तोड़ता है। हालांकि यह सच है कि अतिरिक्त यूरिक एसिड गाउट जैसी स्थितियों को जन्म दे सकता है, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थों को आहार में सिमित करने की जरूरत है।


ऑर्गन मीट और कुछ सी फूड जैसे उच्च-प्यूरीन खाद्य पदार्थों को कम करें, और कम प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थ जैसे लीन मीट, पोल्ट्री और पौधे-आधारित प्रोटीन का विकल्प चुने। इसके अतिरिक्त, फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन बढ़ाने से आपके आहार को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।

uric acid ke liye remedies
जानिए कैसे कंट्रोल करे यूरिक एसिड। चित्र : शटरस्टॉक

2 अपने वजन को नियंत्रित करें

शरीर का अधिक वजन, मोटापा, हाइपरयुरिसीमिया और गाउट के उच्च जोखिम का कारण हो सकता है। वसा ऊतक यूरिक एसिड के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं और किडनी इसको बाहर निकालने में मुश्किलों का सामना कर सकती है। वजन कम करने से यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद मिलती है।

3 फ्रुक्टोज का सेवन सीमित करें

उच्च फ्रुक्टोज का सेवन, जो अक्सर शर्करा युक्त खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में पाई जाती है, को यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। फ्रुक्टोज युक्त उत्पादों का सेवन कम करना फायदेमंद हो सकता है।

4 डाइट में अधिक फाइबर लें

फाइबर शरीर से यूरिक एसिड को बाहर करने में सहायता करके यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। जिससे रक्त में इसको कम करने में मदद मिलती है। फाइबर आपके रक्त शर्करा और इंसुलिन के स्तर को संतुलित करने में भी मदद कर सकता है। यह तृप्ति को बढ़ाता है, जिससे आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है।


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