कुछ रोग ऐसे होते हैं, जिनके कारण के बारे में जानना कठिन है। लेकिन इसके कारण परेशानी अधिक होती है। ऐसा ही एक रोग है फाइब्रोमायल्जिया। यह पूरे शरीर की मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द का कारण बनता है। इससे थकान भी महसूस हो सकती है। यह याददाश्त जैसी समस्या का कारण बन सकता है। इस जटिल रोग के बारे में सभी को जानना जरूरी है। इससे उसके लक्षणों को प्रबंधित करने और उपचार में मदद मिल सकती है। जानते हैं फाइब्रोमायल्जिया (Fibromyalgia) के बारे में सब कुछ।

क्या है फाइब्रोमायल्जिया (Fibromyalgia)?

फाइब्रोमायल्जिया लम्बे समय तक चलने वाली क्रोनिक बीमारी है। इसके कारण पूरे शरीर में दर्द और टेंडरनेस की समस्या होती है। यह मस्कुलोस्केलेटल दर्द और थकान का कारण (Fibromyalgia causes pain and fatigue) बनता है। फ़ाइब्रोमायल्जिया से पीड़ित लोग आमतौर पर कुछ ऐसे लक्षणों का अनुभव करते हैं जो पीरियड्स के दौरान होता हैं। इन्हें फ्लेयर-अप कहा जाता है। कभी-कभी फाइब्रोमायल्जिया के साथ जीवन जीना थकाऊ और चुनौतीपूर्ण लग सकता है।

क्या हैं इसके कारण (Fibromyalgia cause)

विशेषज्ञ यह नहीं जानते कि फाइब्रोमायल्जिया का कारण क्या है। मगर अध्ययनों से पता चला है कि कुछ स्वास्थ्य स्थितियां, तनाव और जीवन के अन्य परिवर्तन इसे ट्रिगर कर सकते हैं। यदि बायोलोजिकल माता-पिता में से किसी एक को फाइब्रोमायल्जिया है, तो इसके कारण इस रोग के विकसित होने की अधिक संभावना हो सकती है।

किसे ज्यादा होता है इस रोग का जोखिम (Risk of Fibromyalgia)

किसी को भी फाइब्रोमायल्जिया विकसित हो सकता है। यह बच्चों सहित किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है। 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में फाइब्रोमायल्गिया होने की अधिक संभावना होती है।

क्या हो सकते हैं लक्षण (Fibromyalgia symptom)

फाइब्रोमायल्जिया (Fibromyalgia)  शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लक्षण हो सकते हैं। दो सबसे आम लक्षण दर्द और थकान हैं। मांसपेशियों में दर्द या कोमलता, चेहरे और जबड़े में दर्द, सिरदर्द और माइग्रेन हो सकता है। दस्त और कब्ज सहित पाचन संबंधी समस्याएं। मूत्राशय नियंत्रण संबंधी समस्याएं भी हो सकती है। कभी-कभी “फाइब्रो फॉग” या “ब्रेन फॉग” भी हो जाता है) एंग्जायटी, अवसाद, अनिद्रा भी हो सकती है।

फाइब्रोमायल्जिया के कारण  बैक में दर्द हो सकता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

कब बढ़ जाता है जोखिम (Fibromyalgia Risks)

हालांकि विशेषज्ञ निश्चित रूप से यह नहीं कह सकते हैं कि फाइब्रोमायल्जिया का कारण क्या है, कुछ स्वास्थ्य स्थितियां और अन्य मुद्दे इसके विकसित होने के जोखिम कारक हैं। 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में फाइब्रोमायल्जिया विकसित होने की संभावना अधिक होती है। लेकिन यह बच्चों सहित किसी को भी प्रभावित कर सकता है।जिन लोगों का जन्म के समय महिला लिंग निर्धारण किया गया है, उनमें फाइब्रोमायल्जिया का अनुभव होने की संभावना दोगुनी होती है।ऑस्टियोआर्थराइटिस, अवसाद, एंग्जायटी, पीठ दर्द और इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम जैसी स्थितियों में विकसित (fibromyalgia) होने की अधिक संभावना होती है। संक्रमण, तनाव और किसी भी प्रकार का आघात बढ़ा देता है।

क्या हो सकता है उपचार (Fibromyalgia treatment)

ऐसा कोई एक इलाज नहीं है, जो फाइब्रोमायल्जिया से पीड़ित हर व्यक्ति के लिए काम करता हो। हेल्थ केयर लक्षणों से राहत देने वाले उपचारों को खोजने के लिए साथ काम करते हैं। डॉक्टर को बताएं कि आप कौन से लक्षण अनुभव कर रही हैं और उनमें कब बदलाव होता है। (इसमें कब सुधार हो रहा है या कब बदतर हो रहा है)।

doctor ko rog ke lakshanon ke bare me batayen.
डॉक्टर को बताएं कि आप कौन से लक्षण अनुभव कर रही हैं और उनमें कब बदलाव होता है। चित्र: शटरस्टॉक

जिन उपचारों की आवश्यकता हो सकती है उनमें शामिल हैं: (Fibromyalgia medicine)

दर्द से राहत के लिए ओवर-द-काउंटर (OTC) या प्रिस्क्रिप्शन दवा।
स्ट्रेच या पॉवर प्रशिक्षण जैसे व्यायाम। स्लीप थेरेपी, कोग्निटिव थेरेपी भी मदद कर सकते हैं।
तनाव प्रबंधन चिकित्सा और एंटी दिप्रेशेंट दवा (fibromyalgia) भी ले सकती हैं।

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