सोशल मीडिया एक ऐसा मंच है, जिसने उम्र, क्लास या दूरियों का अंतर भी मिटा दिया है। कई स्तरों पर जहां यह बदलाव पॉजिटिव साबित हो रहा है, वहीं कभी-कभी यह इतना बेलगाम हो जाता है कि किसी को भावनात्मक रूप से आहत कर देता है। सोशल मीडिया ट्रोलिंग और बॉडी शेमिंग ऐसे ही उदाहरण हैं जहां यह व्यक्ति की गरिमा का विरोधी साबित हुआ है।


बड़े से बड़ा स्टार भी सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का समना करते हैं। सोशल मीडिया पर चाहे आम इंसान हो या खास इंसान किसी को नहीं छोड़ता है। सोशल मीडिया ने जहां लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने के लिए दरवाजे खोले हैं, तो वहीं बॉडी शेमिंग का सामना कर रहें कुछ लोगों के लिए कई समस्याएं भी खड़ी की है। सोशल मीडिया कई बार लोगों को इस कदर डिप्रेशन में डाल देता है कि वे सुसाइड जैसे कदम उठा लेते है।

हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया था जिसमें मध्य प्रदेश के एक 16 साल के LGBTQ समाज से ताल्लुक रखने वाले प्रांशु ने सोशल मीडिया पर बुली होने के बाद 21 नवंबर को सुसाइड कर लिया। प्रांशु कोविड से अपने इंस्टाग्राम पर मेकअप वीडियो डालता था। जिसके बाद इंस्टाग्राम पर उसके फॉलोवर्स बढ़ गए थे।

आपको बॉडी शेमिंग से बाहर आने की जरूरत है। चित्र: शटरस्‍टॉक

दिवाली के आसपास, उसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साड़ी पहने हुए अपनी एक रील शेयर की, जिसके बाद लोगों ने कमेंट बॉक्स में भद्दे कमेंट किए। उस रील पर 4,000 से ज्यादा भद्दे कमेंट थे। जिसके बाद ये पता चलता है की हम कैसी सोच के साथ जी रहें है।


सोशल मीडिया पर इस तरह के बॉडी शेम से कैसे बचना है ये जानने के लिए हमने बात की काउंसलर और रिलेशनशिप एक्सपर्ट रुचि रूह से।

सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग से कैसे निपटें

सबसे जरूरी है अपने आप को स्वीकार करना

आप लंबे है छोटे है, मोटे है पतले है, काले है गोरे है, जैसे भी है सबसे पहले ये जरूरी है कि आप अपने आप को स्वीकार करें। यह जानकर दुख होता है कि जो लोग बॉडी शेमिंग का अनुभव करते हैं वे दुनिया से छिप जाते हैं। यह खुद को दूसरों से अलग करने, अपने शरीर को ढकने, या ‘अदृश्य’ रहना पसंद करने के रूप में हो सकता है।

अंधेरे में कहीं छिप जीने के लिए जीवन बहुत छोटा है। यदि आप इस बात की चिंता करते रहेंगे कि दूसरे लोग आपके रूप-रंग के बारे में क्या कहेंगे, तो आप जीवन का आनंद कैसे ले सकते हैं? आप अचानक से अपने डर पर काबू नहीं पा सकते है लेकिन आपको धीरे धीरे ये करना होगा। जब आप लोगों की बातों से फर्क पड़ाना बंद देंगे तो वो आपको बोलना भी छोड़ देंगे।


ऐसे लोगों के साथ रहें जो आपकी सराहना करते हैं

यदि आप भी बॉडी शेमिंग का सामना कर रहे हैं तो आपको ऐसे लोगों के साथ रहना चाहिए जो आपको अच्छा महसूस कराएं। यदि आप अच्छे लोगों के साथ रहेंगे या ऐसे लोगों के साथ जो आपको पसंद करते है या आपसे अच्छी बाते करते है तो आपको खुद सोशल मीडिया की बातों से फर्क नहीं पड़ेगा।

यहां तक कि एक सकारात्मक विचार भी दूसरों की नकारात्मक टिप्पणियों से निपट सकता है। अपने आप को ऐसे लोगों के साथ रखें जो आपसे प्यार करते हैं और आपकी सराहना करते हैं।

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यह जानकर दुख होता है कि जो लोग बॉडी शेमिंग का अनुभव करते हैं वे दुनिया से छिप जाते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को नियंत्रण में रखें

सोशल मीडिया से बहुत सारी चीजें हो सकती है। आप इससे नई चीजें सीख सकते हैं, इसके साथ अपने दोस्तों के संपर्क में रह सकते हैं और कभी-कभी इसके माध्यम से साइबरबुलिंग का सामना कर सकते है। यदि सोशल मीडिया पर बॉडी शेमिंग वाली टिप्पणियां आपको तनाव देती हैं, तो अपने जीवन से टॉक्सिक लोगों को बाहर करके या उन लोगों को अनफ़ॉलो करके नियंत्रण रखें जो आपको अपने बारे में बुरा महसूस कराते हैं।


यह आपका सोशल मीडिया अकाउंट है, इसलिए आप इसका नियंत्रण अपने हाथ में रख सकते हैं। ऐसे लोगों को फॉलो करें जो बॉडी पॉजिटिविटी पर बात करते है।

खुद से पॉजिटिव बातें करें

आप अपना अधिकांश समय स्वयं के साथ बिताते हैं, और जिस तरह से आप स्वयं से बात करते हैं वह काफी हद तक आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। खुद सें अधिक सकारात्मक चर्चा बनाएं जो, आप क्या करते हैं और आप कौन हैं उसकी अच्छाई को बताती हो।

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