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होली का त्योहार हम सभी के लिए खुशियों और रंगो भरा होता है। हर कोई अपनी तरह के इस त्योहार को मनाता है। लेकिन इसे हेल्दी और सेफ कैसे रखना है आइए जानते है।

होली आते ही हम सभी पार्टी मोड में आ जाते है। हर तरह पार्टी और रंगों की धूम होती है। त्योहारों का सीजन हमारे लिए खुशियां लेकर तो आता ही है, लेकिन अगर आप इसमें थोड़ी भी सतर्क नहीं रहती तो ये आपकी फिटनेस के लिए दुखों का पहाड़ ला सकता है। जी हां पार्टी में आप बिना कैलोरी काउंट के मठाईयां खाएंगी, हद से ज्यादा भांग का सेवन करेंगी, बिना हेयर या स्किन केयर के बिना रंगों का इस्तेमाल करेंगी तो ये आप पर बहुत भारी पड़ सकता है। तो चलिए जानते है सेफ और हेल्दी होली कैसे बनानी है (Holi 2024)।


कैसे बनाएं होली को सेफ हो हेल्दी (Tricks to have a good time protected and wholesome holi)

1 सबसे पहले अपनी स्किन और बालों को बचाना है जरूरी

अपनी त्वचा बहुत संवेदनशील होती है इसलिए अगर इसमें कोई भी कैमिकल युक्त चीजें लगाई गई तो आपकी त्वचा पर इसका बहुत गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। त्योहारों के दौरान रंगों को त्वचा में घुसने से रोकने के लिए पहले से ही तेल लगाना चाहिए। नारियल तेल का उपयोग करने से एक चिकना बैरियर मिल जाता है, जो रंगों को स्किन पर टिकने नहीं देता है।

नारियल का तेल लगाने से न केवल त्वचा हाइड्रेट होती है बल्कि रंग भी जल्दी छूट जाते हैं। इसके अलावा, बालों में तेल लगाना से भी उन्हें एक सुरक्षा मिलती है इससे बालों पर रंग आराम से चिपकता नहीं है और धोने पर निकल जाता है।

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ऐसे रंगों का इस्तेमाल करने के बारे में सोचना बहुत जरूरी है जो आपकी स्किन के लिए भी सेफ हो। चित्र- अडोबी स्टॉक

2 ऑर्गेनिक और इको फ्रेंडली रंगों का उपयोग करें

ऐसे रंगों का इस्तेमाल करने के बारे में सोचना बहुत जरूरी है जो आपकी स्किन के लिए भी सेफ और प्राकृतिक के लिए सुरक्षित हो। अपनी त्वचा के अनुकूल रंगों का चयन करें और हानिकारक रसायनों वाले रंगों से दूर रहें। रासायनिक रंगों को त्वचा से हटाना चुनौतीपूर्ण होता है और इससे त्वचा पर एलर्जी होने की संभावना भी बढ़ जाती है।


यदि आपको बाजार में ऑर्गेनिक रंग नहीं मिल रहें है तो आप ट्राई करें इसे घर पर बना लें। इसके लिए आपको फूलों को सुखाकर उनको पीसने की जरूरत है। आपकी त्वचा को किसी भी प्रतिकूल प्रभाव से बचाने के लिए केवल प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना सबसे सुरक्षित विकल्प है।

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3 खुद को हाइड्रेट रखना भी याद रखें

होली का जश्न मनाते मनाते केवल मिठाइयां और भांग पीना याद न रखें, बल्कि पानी के साथ खुद को हाइड्रेशन देना भी बहुत जरूरी है। चूंकि होली गर्मियों की शुरुआत में ही आती है, इसलिए हाइड्रेशन की बहुत जरूरत होती है। खूब पानी और अन्य हाइड्रेटिंग ड्रिंक से आपकी ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने और डिहाइड्रेशन को रोकने में मदद मिल सकती है।

क्योंकि अगर आपकी स्किन डिहाइड्रेट होगी तो त्वचा का रूखापन बढ़ सकता है, जिससे समस्याएं हो सकती हैं। हाइड्रेटेड रहकर, आप अपनी स्किन को खराब रंगों से भी बचा सकती है।

4 आंखों का रखें सबसे ज्यादा ध्यान

कई लोगों की आंखे कमजोरी होती है इस कारण वे चश्मा पहते है, लेकिन होली वाले दिन चश्मे को रंगों से बचाने से वे इसे नहीं पहनते है। ऐसे में कई लोग कॉन्टेक्ट लेंस का उपयोग करते है। क्योंकि अगर आपकी आंखो के अंदर रंग जाता है और लेंस के कारण बाहर नहीं निकल पाता है तो ये आपकी आंखो में एलर्जी का कारण बन सकता है।


इसके बदले आप काले चश्मे के इस्तेमाल करें जो आपको रंगो के साथ साथ सूरज की खराब रोशनी से भी बचाने में मदद करता है।

5 धूप से सुरक्षा के लिए सही टूल्स चुनें

होली के त्योहार में ज्यादातर धूप होती ही है तो उसमें सूरज का यूवी रे से स्किन को बचाने के लिए कई चीजों का इस्तेमाल करना जरूरी हो जाता है। इसमें सबसे पहले है सनस्क्रीन। सूरज की हानिकारक किरणों से बचने के लिए टोपी, हेडबैंड और अन्य कपड़ों का उपयोग भी किया जा सकता है जो आपके पूरे शरीर को एक तरह से ढक कर रखें।

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समूह में होली खेलते समय इन बातों को बिल्कुल न करें इग्नोर। चित्र : एडॉबीस्टॉक

6 अपने मिठाइयों के सेवन का ख्याल रखें

त्योहारों के सीजन में सभी लोग मिठाइयां खाना बहुत पसंद करते है। लेकिन आपको पता होना चाहिए कि इस सीजन में बाजारों में काफी मिलावटी मिठाइयां मिलती है जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर आप घर पर बनी मिठाइयां भी खा रहीं है तो आपको उसको लेकिन बहुत सतर्कता बरतने की जरूरत है क्योंकि घर वाली मिठाइयों में भी चीनी होती है जिसका ज्यादा सेवन आपकी कैलोरी काउंट को अधिक बढ़ा सकती है।


7 जानवरों के प्रति बहुत क्रुर न बनें

अगर आपको पेट पसंद है, यदि आपके घर में पेट है तो उसको रंग न लगाएं। साथ ही हमारी सोसाइटी में भी बहुत से कुत्ते घुमते है शायद जिन्हे आप पसंद करते होंगे। कई बार हम प्यार प्यार में उन्हें रंग लगा देते है। जानवरों के रंग पसंद नहीं होता है। क्योंकि ये जरूरी नहीं कि हमारे आसपास रहने वाले हर किसी को रंग पसंद ही हो। रंग या पानी के गुब्बारों से खेलते समय सभी का सम्मान करना चाहिए। किसी को भी बिना सहमति के रंग नहीं लगाना चाहिए।

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