बहुत से कपल्स इंटरकोर्स के दौरान लुब्रिकेंट की जगह सलाइवा का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, आज लोग जागरुक हो चुके हैं और इसे अवॉइड करते हैं। परंतु बहुत से ऐसे कपल्स हैं, जो इसे आजमाते हैं। क्या ऐसा करना सुरक्षित है? यदि नहीं, तो आखिर सलाइवा का इस्तेमाल किस तरह से आपको नुकसान पहुंचा सकता है। यदि आप भी लुब्रिकेंट की जगह सलाइवा का इस्तेमाल करती हैं, तो इस लेख को जरूर पढ़े (side effects of using saliva as lubricant)।

हेल्थ शॉट्स ने इस बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए ऑरा क्लिनिक गुड़गांव की डायरेक्टर एवं क्लाउड नाइन हॉस्पिटल गुड़गांव की सीनियर कंसलटेंट रितु सेठी से बात की। रितु सेठी लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में कई वर्षों से स्त्री रोग विशेषज्ञ के तौर पर प्रैक्टिस कर रही हैं। तो चलिए जानते हैं, आखिर किस तरह लुब्रिकेंट की जगह सलाइवा का इस्तेमाल आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है (is saliva safe to use as lubricant)।

सलाइवा से बढ़ जाता है सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इनफेक्शन का खतरा

सेक्सुअल गतिविधियों को करते हुए खासकर इंटरकोर्स के लिए सलाइवा का इस्तेमाल करना बेहद खतरनाक हो सकता है। वहीं इससे सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इनफेक्शंस का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में आपके गले और मुंह का संक्रमण सीधा आपके इंटिमेट पार्ट्स तक पहुंचता है, जो की इंटिमेट एरिया के लिए खतरनाक होने के साथ-साथ ब्लैडर, किडनी तथा शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है।

ल्यूब्रिकेशन हेल्दी सेक्स को आसान बनाता है, चित्र:शटरस्टॉक

यदि कोई व्यक्ति हर्पिज से पीड़ित है, तो इस स्थिति में लुब्रिकेंट की जगह सलाइवा का इस्तेमाल करने से पार्टनर में हर्पिज और अन्य सेक्सुअल ट्रांसमिटेड इनफेक्शन के ट्रांसफर होने की संभावना बढ़ जाती है।

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हो सकता है वेजाइनल इंफेक्शन

सलाइवा में मौजूद बैक्टीरिया वेजाइनल बैक्टीरिया से बिल्कुल अलग होते हैं। वहीं सलाइवा में डाइजेस्टिव एंजाइम पाए जाते हैं, जो खाद्य पदार्थों को तोड़ने के काम आते हैं। वहीं जब सलाइवा के बैक्टीरिया और एंजाइम वेजाइना के कांटेक्ट में आते हैं, तो परिणामस्वरूप वेजाइनल माइक्रोबायोम प्रभावित हो जाती है। इस स्थिति में ईस्ट इंफेक्शन और बैक्टीरियल वैजिनोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

हालांकि, इस इन्फेक्शन और बैक्टीरियल वैजिनोसिस दोनों को ट्रीट किया जा सकता है, परंतु जब यह आपको अपना शिकार बनाते हैं, तो आपके लिए तमाम परेशानियां खड़ी कर देते हैं। वहीं आपको अपनी नियमित गतिविधियों को पूरा करने में भी परेशानी होती है। इसके अलावा सलाइवा कई बार इन्फ्लेमेशन को ट्रिगर कर देती है, जिसकी वजह से इचिंग और बर्निंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

lubricant ki tarah kare coconut oil ka istemal
कई बार प्लेजर को बढ़ाने के लिए लुब्रिकेंट का इस्तेमाल किया जाता है। चित्र- अडोबी स्टॉक

सलाइवा में नहीं होती है लुब्रिकेंट की क्वालिटी

रितु सेठी के अनुसार यदि आप STI और वेजाइनल इन्फेक्शन के खतरे को नजरअंदाज कर दें, तब भी सेक्सुअल इंटरकोर्स के लिए इसकी कंसिस्टेंसी बिल्कुल भी स्लिपरी नहीं होती और यह आसानी से एवोपोरेट और ड्राई हो जाते हैं। जिसकी वजह से बाद में इंटरकोर्स काफी इरिटेटिंग हो जाता है। इतना ही नहीं सलाइवा के इस्तेमाल से इंटरकोर्स के दौरान फ्रिक्शन भी आपकी वेजाइना को इरिटेट कर सकता है।

सलाइवा के इस्तेमाल से इंटरकोर्स के दौरान फ्रिक्शन आपकी वेजाइना एवं एनस को अधिक प्रभावित करता है। इस दौरान वेजाइनल कट लगने का खतरा बना रहता है। वहीं सलाइवा के इस्तेमाल से सेक्स काफी पेनफुल हो सकता है। बाद में यह छोटी-छोटी चीजें, संक्रमण का रूप ले लेती है, इसलिए इन चीजों से बचाना है तो सही और उचित लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें। आप चाहे तो इसके लिए घरेलू लुब्रिकेंट भी इस्तेमाल कर सकती हैं, जैसे की कोकोनट ऑयल और एलोवेरा जेल।

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