जैसे ही आप पेरेंट्स बनते हैं, आपका एक लंबा समय अपने बच्चों के साथ गुजरता है। आप उन्हें सभी अच्छी आदतें सिखाने की कोशिश करती हैं। ताकि वे हेल्दी मेंटल और फिजिकल ग्रोथ ले सकें और जीवन में कामयाब बनें। पर किसी भी तरह की ग्रोथ के लिए उनके आहार पर ध्यान देना जरूरी है। कई बार बच्चे का ग्रोथ रुक जाता है, या चीजें भूलने लगता है। इसकी वजह खाने में जरूरी पोषक तत्वों की कमी है। अगर आप भी चाहती हैं कि आपका बच्चा हेल्दी तरीके से बढ़े, तो उसके आहार में इन 6 पोषक तत्वों का जरूर ध्यान रखें।

ज्यादातर बच्चे हरी साग-सब्जियां या घर के बने रोटी-चावल खाने में नखरे करते हैं। जिसकी वजह से उन्हें उचित पोषण नहीं मिल पाता। ऐसे में न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स के माध्यम से हेल्दी ग्रोथ के लिए आप उनके शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की मात्रा को बनाए रख सकती हैं। कई बार जानकारी न होने से बच्चों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। विटामिन और मिनरल से भरपूर खाद्य पदार्थों के सेवन से बच्चों के हेल्दी ग्रोथ और डेवलपमेंट में मदद मिलती है (6 nutritional supplements for growing kids)। यदि आप भी अपने बच्चों को स्वस्थ एवं संतुष्ट रूप से बड़े होते देखना चाहती हैं, तो बताए गए कुछ खास पोषक तत्वों को उनकी डाइट में जरूर शामिल करें।

हेल्थ शॉट्स ने लूना नगर के कंसल्टेंट पीडियाट्रिशियन, डॉक्टर वैशाली बिचकर से बात की। डॉ वैशाली ने कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व बताएं हैं, जिनका सेवन बच्चों के हेल्दी ग्रोथ के लिए बेहद आवश्यक होता है (6 nutritional supplements for growing kids)। तो चलिए जानते हैं, इन पोषक तत्वों के बारे में।

पालक को अपने बच्चों के आहार में कैसे शामिल करें। चित्र शटरस्टॉक।

किन बच्चों को न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स की आवश्यकता होती है

1. ताजा, संपूर्ण खाद्य पदार्थों से बना नियमित, संतुलित भोजन न खाना

2. नख़रेबाज़ बच्चे, जो पर्याप्त भोजन नहीं कर करते हैं

3. अस्थमा या पाचन सम्बंधी समस्या जैसी पुरानी चिकित्सीय स्थितियां, खासकर यदि बच्चे दवा ले रहे हों।

4. बहुत अधिक फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन।

5. बच्चे यदि वेजिटेरियन और वीगन डाइट फॉलो कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें आयरन सप्लीमेंट की आवश्यकता हो सकती है, डेयरी फ्री डाइट पर उन्हें कैल्शियम सप्लीमेंट या अन्य प्रतिबंधित आहार की आवश्यकता हो सकती है।

6. बहुत अधिक मात्रा में कार्बोनेटेड सोडा पीना, जो शरीर से विटामिन और मिनरल्स को निकाल सकता है।

ग्रोइंग किड्स के लिए जरूरी हैं ये न्यूट्रीशनल सप्लीमेंट्स (6 nutritional supplements for growing kids)

बढ़ते बच्चों को सभी विटामिन और मिनरल्स से भरपूर आहार लेना आवश्यक है, लेकिन कुछ अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।

1. विटामिन ए

यह सामान्य वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। टिश्यू एवं हड्डियों की मरम्मत करने के साथ ही स्वस्थ त्वचा, आंखें, और इम्यूनिटी बूस्ट करने में मदद करता है। दूध, पनीर, अंडा, पीले और नारंगी रंग की सब्जियां जैसे गाजर, रतालू और स्क्वैश इसके बहुत अच्छे स्रोत हैं।

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विटामिन, आयरन, कैल्शियम, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी- बैक्टीरियल और फाइबर जैसे तत्व होते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

2. विटामिन बी कॉम्प्लेक्स

विटामिन बी 2, बी 3, बी 6 और बी 12 का परिवार मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है, और ऊर्जा उत्पादन का समर्थन करता है। वहीं यह संचार और तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी बेहद कारगर है। इनके खाद्य स्रोत की बात करें तो, मीट, चिकन, मछली, नट्स, अंडे, दूध, पनीर, बीन्स और सोयाबीन एक समृद्धि स्रोत है।

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3. विटामिन सी

ग्रोइंग ऐज में बच्चों की मांसपेशियां एवं टिश्यू भी ग्रो कर रहे होते हैं। ऐसे में विटामिन सी युक्त खट्टे फल, स्ट्रॉबेरी, कीवी, टमाटर और ब्रोकोली जैसी हरी सब्जियों के माध्यम से स्वस्थ मांसपेशियों के साथ ही कनेक्टिव टिश्यू और त्वचा को बढ़ावा मिलती है।

4. विटामिन डी

विटामिन डी हड्डियों और दांतों के निर्माण को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। शरीर को दूध, सैल्मन और मैकेरल जैसी वसायुक्त मछली सहित सप्लीमेंट से प्राप्त किया जा सकता है। वहीं यह पोषक तत्व कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करते हैं। विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी होती है। आप अपने बच्चों को दिन में सनस्क्रीन लगा कर कुछ देर धूप में बाहर निकालें।

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बच्चों को कैल्शियम का सेवन करना चाहिए। चित्र शटरस्टॉक।

5. कैल्शियम

यह एक मैक्रोन्यूट्रिएंट है जिसकी शरीर को बच्चे की वृद्धि में मजबूत हड्डियों के निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है। शरीर में इसकी मात्रा को बनाए रखने के लिए दूध, पनीर, दही, टोफू और कैल्शियम-फोर्टिफाइड संतरे का रस शामिल कर सकती हैं।

6. आयरन

यह मांसपेशियों के निर्माण और स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं के लिए आवश्यक है। छोटी उम्र में आयरन की कमी एक आम जोखिम है, खासकर उन लड़कियों में जिनका मासिक धर्म शुरू हो चुका है। शरीर में इसकी मात्रा को बनाए रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण स्रोतों में मीट, टर्की, पालक, बीन्स और आलूबुखारा शामिल हैं।

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