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किसी के भी व्यक्तित्व में उसकी परवरिश का अहम योगदान होता है। जिन महिलाओं को बचपन से सिर्फ सुनने के लिए तैयार किया जाता है, वे बड़े होकर भी अपने फैसलों में दूसरों के वेलिडेशन का इंतजार करती रहती हैं।

हम सभी में ये चीजें होती है कि हम आपको काम को लेकर या किसी भी खुद से जुड़ी चीजों पर दूसरों का वेलिडेशन चाहते है जो की कई बार अच्छा भी लगता है। लेकिन अगर आप कुछ करते है लेकिन बिना किसी को वैलिडेशन के आपको उस चीज पर कॉन्फिडेंस नहीं हो रहा है तो ये आपके लिए गलत चीज है। यहां आपको ये समझ आ जाना चाहिए कि आपको रुकने की जरूरत है।


चाहे आप इंस्टाग्राम पर सैकड़ों लाइक्स की उम्मीद कर रहे हों, दोस्तों से मदद और समर्थन की उम्मीद कर रहे हों, या अपने माता-पिता से पीठ थपथपाने की उम्मीद कर रहे हों, आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए दूसरों से वेलिडेशन मांगना एक स्वाभाविक प्रवृत्ति है। लोग जानना चाहते हैं कि वे स्मार्ट और कूल हैं और जीवन में सही रास्ते पर हैं, और ये बाहरी चीजें निश्चित रूप से मददगार हैं।

कभी-कभी दूसरों से वेलिडेशन की आशा करना बिल्कुल ठीक है। लेकिन एक बिंदु आता है जहां यह एक आदत बन जाती है, जब आपको यहां से पीछ हटने की जरूरत होती है कि खुद के बारे में अच्छा महसूस करने के लिए आपको किसी और की मंजूरी की जरूरत नहीं है।

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जब भी आप संदेह में हों, तो बस आपको एक नियम याद रखना है कि आपको खुद पर भरोसा करना है। चित्र : अडोबी स्टॉक

दूसरों से वेलिडेशन लेना कैसे बंद करने के लिए आजमाएं ये 5 उपाय

अपने आप पर भरोसा

जब भी आप संदेह में हों, तो बस आपको एक नियम याद रखना है कि आपको खुद पर भरोसा करना है। यदि आपको खुद पर भरोसा नहीं है कि आप जो कर रहें है वो सही है तो आपको हमेशा लोगों के वेलिडेशन लेने की जरूरत पड़ेगी और ये आपकी गलत आदत बन जाएगी। अगर आपको खुद पर भरोसा नहीं है तो आप अंडरकॉन्फिडेंस महसूस करने लगते है जिससे ये चीजें आपको और ज्यादा प्रभावित करने लगती है। इसलिए सबसे जरूरी है कि खुद पर विश्वास करें और ये याद रखें कि आप जो कर रहें है वो सही है।


खुद की तुलना दूसरों से करना बंद करें

हमें अपनी तुलना करना बंद कर देना चाहिए क्योंकि हर कोई निर्णय लेने में सर्वश्रेष्ठ नहीं होता। कोई भी पूरी तरह से सही नही होता है, हम गलतियों से सीखते हैं। अपनी कमियों को पहचाने क्योंकि ये आपके आगे बढ़ने का हिस्सा है। तुलनाएं आपको खुद को स्वीकार करने से रोकती है। तुलना के बोझ के बिना सीखें, बढ़ें और खुद का विकास करें।

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खुद से प्यार करना सीखें

खुद पर विश्वास रखें और आगे बढ़ने के लिए अपनी कमियों को स्वीकार करें। खुद की आलोचना के बिना अपनी स्किल में सुधार करें। ये याद रखें की संयम रखना बहुच जरूरी है। प्रगति में समय लगता है। खुद के प्रति कभी भी बहुत अधिक कठोर न हो बल्कि अपने आप से नरमी से बरताव करें। अपनी क्षमता पर भरोसा रखें और खुद को अपनाते हुए आगे बढ़ें।

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हमें अपनी तुलना करना बंद कर देना चाहिए क्योंकि हर कोई निर्णय लेने में सर्वश्रेष्ठ नहीं होता। चित्र: शटरस्‍टॉक

खुद को सोशल मीडिया के आधार पर न आंके

सोशल मीडिया की दुनिया में 1 प्रतिशत भी सच्चाई नहीं होती है। लोग केवल इसमें अपनी सफलताएं बांटते हैं, संघर्ष छिपाते हैं। क्यूरेटेड छवियों से खुद के मुल्यों को बिल्कुल भी जज न करें। याद रखें, हर किसी को ऑनलाइन अनदेखी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

आभासी और वास्तविक जीवन में संतुलन बनाएं। वर्चुअल वेलिडेशन को नहीं बल्कि अफने मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। सोशल मीडिया केवल एक मनोरंजन का जरिया है आपकी दुनिया नहीं।

अपने फैसलों को लेकर जागरूक रहें

कार्य करने से पहले परिणामों पर विचार करें करना जरूरी है। यह निर्णय लेने के कौशल में सुधार कर सकता है और वेलिडेशन की आवश्यकता को कम करता है। पक्ष और विपक्ष का मूल्यांकन करना आपके लिए अच्छा हो सकता है। इससे आपको हर सिचुएशन के लिए सही फैसले लेने काफी आसान हो जाएंगे।

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