अलग-अलग लोगों के लिए सर्दियों की परिभाषा कुछ अलग-अलग हो सकती है। कुछ लोगों के लिए सर्दी से अच्छा शायद कोई और मौसम न हो तो वहीं कुछ लोगों के ही सर्दी एक ‘दर्दनाक’ मौसम हो। ‘दर्दनाक’ इसलिए क्योंकि सर्दी के दिनों में कई लोग घुटने, कमर, पैर सहित जोड़ों के दर्द से काफी परेशान हो जाते है और यहां तक कि उनका चलना-फिरना या फिर बैठना भी दुश्वार हो जाता है। ऐसे में कई लोगों को यह कन्फ्यूज़न रहता है कि मौसम के कारण उनके जोड़ों में दर्द होता है या उसके पीछे कोई अन्य कारण है।

2015 में हुए जर्नल ऑफ रूमेटोलॉजी के एक अध्ययन में यह पता चला कि जिन लोगों को घुटने, पैर या अन्य जोड़ों के दर्द की शिकायत रहती है, तापमान गिरने के साथ उनकी समस्या में बढ़ोतरी पाई गई।

इस अध्ययन को करने के लिए कुल 810 ऑस्टियोअर्थराइटिस से पीड़ित लोगों का डेटा इकट्ठा किया गया, जिसमें दैनिक तापमान की गिरावट के साथ उनके दर्द पर भी असर दिखाई पड़ा। वहीं, साथ ही 2007 में घुटने के ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित 200 लोगों के साथ किए गए अध्ययन की रिपोर्ट में यह पता चला कि तापमान में हर 10 डिग्री की गिरावट में दर्द में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई।

सर्दियों में काफी हद तक बढ़ जाती है जोड़ों के दर्द की समस्या। चित्र:शटरस्टॉक

रिपोर्ट के अनुसार, जानें क्यों बढ़ता है जॉइंट्स पेन

आर्थोपेडिक इंस्टीट्यूट ऑफ हेन्डरसन की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ठंड में जोड़ों के दर्द बढ़ने के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण नहीं हैं लेकिन फिर भी कुछ ऐसे कारक है, जिनके कारण गिरते तापमान में जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है।

1 जॉइंट फ्ल्यूइड के गाढ़े होने के कारण भी बढ़ता है दर्द

ऑर्थोपेडिक इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार जोड़ों में मौजूद सिनोवियल फ्ल्यूइड जोड़ो में एक ‘शॉक-ऐब्सोर्बेर’ की तरह काम करता है, लेकिन जैसे-जैसे मौसम में गिरावट आती है, वैसे यह फ्ल्यूइड गाढ़ा हो जाता है और स्वतंत्र रूप से इसकी बहने क्षमता खत्म हो जाती है, जिसके कारण जॉइंट हार्ड हो जाते है और इससे जॉइंट पेन का खतरा बढ़ जाता है।

2 नसों संबंधित समस्याओं से भी हो सकती है परेशानी

रिपोर्ट में बताया गया कि जिन लोगों को पहले कभी जोड़ों के दर्द की शिकायत रही हो या कभी छोटी-मोटी चोट लगी हो, उनको नसों के कारण जोड़ों के दर्द की शिकायत हो सकती है। ठंड के मौसम में उन्हें घाव, सूजन या किसी अन्य कारण के चलते उनकी नसें अति संवेदनशील हो सकती हैं। जिसके कारण तापमान गिरने पर जोड़ों के दर्द की शिकायत हो सकती है।

3 शारीरिक गतिविधियों में कमी

अक्सर ठंड के दिनों में कई लोग आलस्य के चलते, शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान नहीं देते। जिसके कारण जिन लोगों को पहले से जोड़ों के दर्द की शिकायत होती है, उन्हें और अधिक समस्या होने लगती है। ऐसे में इस समस्या को कम करने के लिए व्यक्ति को व्यायाम करना चाहिए।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट ?

ठंड में बढ़ने वाले जोड़ों के दर्द को और विस्तृत रूप से जानने के लिए हेल्थशॉट्स ने मुंबई स्थित नानावटी मैक्स हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट फॉर बोन, जॉइंट रिप्लेसमेंट, ऑर्थोपेडिक्स, स्पाइन और स्पोर्ट्स मेडिसिन के एचओडी डॉ. सुनील शहाणे से संपर्क किया।

डॉ. सुनील ने बताया कि सर्दियों के दौरान, विभिन्न कारकों के कारण जोड़ों का दर्द अक्सर तेज हो जाता है। ठंड का मौसम बैरोमीटर के दबाव में गिरावट का कारण बन सकता है, जिससे टेंडन, मांसपेशियों और आसपास के टिश्यूज़ में एक्सपैंशन और कॉन्ट्रैक्शन होता है, जिसके परिणामस्वरूप जोड़ों में कठोरता बढ़ जाती है और व्यक्ति को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, डॉ. सुनील बताते हैं कि ठंडे तापमान के कारण भी शारीरिक गतिविधि कम होने से जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है।

घर बैठे कम कर सकते हैं जोड़ों के दर्द

आमतौर पर सर्दी के दिनों में जोड़ों के दर्द को खुद की दैनिक दिनचर्या में सुधार कर और तमाम घरेलू उपाय करके भी कम किया जा सकता है।

joint pain 40 ki age ke baad
जोड़ों के दर्द में मसाज करने से मदद मिल सकता है।चित्र : शटरस्टॉक

1 स्वस्थ और पौष्टिक आहार करें

स्वस्थ और पौष्टिकता से भरा हुआ आहार करने से हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है, जिससे जोड़ों के दर्द जैसी समस्याएं भी दूर हो जाती है। डॉ.सुनील बताते हैं कि फलों, सब्जियों और ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे सूजन-रोधी खाद्य पदार्थों से भरपूर संतुलित आहार शरीर को ताकतवर और पौष्टिक बनाए रखने के लिए फायदेमंद है।

ऐसे में आप अपने आहार में मछली, दाल, पनीर, सोया, और दही जैसे खाद्य प्रोटीन रिच पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते है । इसके साथ ही आमतौर पर अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थ, फ्री रेडिकल्स को नष्ट करके जोड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

2 हीटिंग पैड का इस्तेमाल करें

घरेलू तरीकों से जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए डॉ. सुनील बताते हैं कि जोड़ों को आराम देने और मांसपेशियों को लचीला बनाए रखने के लिए हीटिंग पैड्स का इस्तेमाल किया जाना एक बहुत आसान और असरदार विकल्प है। साथ ही वे कहते हैं कि यदि हीटिंग पैड उपलब्ध न हो तो गर्म पानी से दर्द वाले स्थान की सिकाई करने से भी इस समस्या में आराम मिल सकता है।

3 नियमित व्यायाम करें

सर्दियों में व्यायाम करना जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे सावधानीपूर्वक और सही तरीके से करना महत्वपूर्ण है। आमतौर पर लोग जोड़ों के दर्द के दौरान भी अपनी क्षमता से ज्यादा व्यायाम कर लेते हैं, जिसके कारण उनकी समस्या कम होने की जगह कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए जब भी आप सर्दियों में व्यायाम करना शुरू करते हैं, तो धीरे-धीरे और आसान आसनों से शुरू करें।

इससे आपके जोड़ों को अधिक तनाव नहीं होगा और आप स्वस्थ रहेंगे। इसके साथ ही व्यायाम के दौरान स्थिरता बनाए रखें। बिना सही स्थिति के व्यायाम करना जोड़ों को अधिक दर्द पहुंचा सकता है। साथ ही व्यायाम के बाद, या व्यायाम से पहले, हॉट और कोल्ड पैक्स का उपयोग करें। ऐसा करने से जोड़ों के पास मौजूद टिश्यूज़ और सेल्स रिलैक्स होते है, जिससे जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।

4 हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी

डॉ. सुनील के अनुसार सर्दियों के दिनों में तापमान कम होने के कारण व्यक्ति को कम प्यास लगती है, जिससे कई लोग उचित मात्रा में पानी नही पीते। ऐसे में कम पानी पीने के कारण भी जोड़ों में मौजूद को बहने में समस्या होती है, जिसके कारण जोड़ों के दर्द की समस्या में भी बढ़ोतरी होती है।

यह भी पढ़ें: नेचुरोपैथी में भी है जोड़ों के दर्द का उपाय, विशेषज्ञ परामर्श से आजमा सकते हैं ये 5 तरीके



Source link