हर किसी की इच्छा होती है कि वह स्लिम हो, लेकिन चेहरे पर चमक हो। कई बार हम जानकारी के अभाव में डाइटिंग कर वजन तो घटा लेते हैं, लेकिन त्वचा रूखी-सूखी हो जाती है। शरीर को इन्फेक्शन भी जल्दी पकड लेता है। पेट- दर्द, उल्टी-मतली की शिकायत होती रहती है। दरअसल, पोषक तत्वों की कमी के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। विशेषज्ञ बताती हैं कि स्वस्थ जीवनशैली बेहतर महसूस करने में मदद कर सकती है। इसके लिए आपको अपना जीवन रातों-रात बदलने की ज़रूरत नहीं है। कुछ छोटे बदलाव कर कुछ बातों का नियमित रूप से पालन करना है। इन बातों को अपने दिनचर्या का हिस्सा बना लेना है। इससे आप न सिर्फ स्लिम होंगी, बल्कि स्किन भी चमकदार और शरीर स्वस्थ (routine for healthy life) हो जायेगा।

डायजेस्टिव सिस्टम का मजबूत होना जरूरी (focus on digestive system for slim and healthy body)

योग इंस्ट्रकटर डॉ. स्मृति अपने इन्स्टाग्राम पोस्ट में बताती हैं, खुद को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है पाचन तंत्र पर ध्यान देना। यदि भोजन ठीक से पच नहीं रहा है, तो इसका प्रभाव मेटाबोलिज्म, रिप्रोडक्टिव हेल्थ, थायरोइड हेल्थ और स्किन पर भी पड़ता है। इसके कारण मोटापा, कमजोर इम्यून सिस्टम और डल स्किन का सामना करना पड़ता है। स्लिम, ग्लोई स्किन और हेल्दी शरीर पाने के लिए पाचन बढ़िया रखना होगा। इसलिए अपनी दिनचर्या में पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने की कोशिश शामिल करनी चाहिए।

यहां हैं एक्सपर्ट के बताये 10 स्टेप्स रूटीन, जिसे सभी को फ़ॉलो करना चाहिए (10 steps routine for healthy life)

1 मलासन के दौरान गुनगुना पानी (warm water in malasana)

डॉ. स्मृति बताती हैं, ‘ मलासन आंतों की सफाई में मदद करता है, जो स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है। मलासन में बहुत धीरे-धीरे पानी पीयें। पानी घोंटते हुए मलासन में ही शरीर को थोड़ा-थोड़ा आगे बढायें।

2 मलासन के बाद ताड़ासन (Tadasana after malasana)

गर्म पानी पीने के तुरंत बाद ताड़ासन करें। मलासन के बाद ताड़ासन बेहतर विषहरण Tadasana helps inDetoxification) में मदद करता है। यह घुटने के दर्द और एड़ी के दर्द में भी मदद करता है।

3 टूथब्रश मेडिटेशन (Toothbrush Meditation)

टूथब्रश करते समय अपनी आंखें बंद कर लें। इसके ब्रिसल्स को महसूस करें। टूथपाउडर का स्वाद महसूस करें। इस क्षण के बारे में सोचें। भूत और भविष्य के बारे में कुछ नहीं सोचें। इस दौरान कोई योजना नहीं बनाएं। उस क्षण में रहें।

टूथब्रश करते समय अपनी आंखें बंद कर लें। इसके ब्रिसल्स को महसूस करें। चित्र : अडोबी स्टॉक

4 गुनगुना पानी पीयें (Sipping on warm water)

डॉ. स्मृति के अनुसार, गर्म पानी पीने से वास्तव में समग्र स्वास्थ्य में मदद मिलती है। इससे पाचन, चयापचय में सुधार और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

5 सुखासन में भोजन करें ( Eating in sukhasana)

जब भी भोजन करें सुखासन में बैठकर खाएं। इस आसन में भोजन करने से पाचन बेहतर होता है। ध्यान दें कि बिना गैजेट के खाएं। हर निवाले (every morsel) के पोर्शन और स्वाद को महसूस करें।

6 भारी भोजन के बाद वज्रासन (Vajrasana after every heavy meal)

हर भारी भोजन के बाद वज्रासन में बैठें। इसमें पुशन मुद्रा ( pushan mudra) अपनाएं। इसके लिए अपने दोनों हाथ की अंगुलियों को ॐ की मुद्रा में कर लें। दोनों हाथों को अपनी-अपनी साइड के जांघ पर रख लें।

7 प्रत्येक वज्रासन के बाद शतपावली (Shatpavli-100 steps after every vajrasana)

प्रत्येक वज्रासन के बाद 100 कदम जरूर चल लें। इससे भोजन के पाचन में मदद मिलती है। झटके के साथ नहीं, बल्कि धीमे-धीमे चलें

vajrasana ke baad 100 kadam chalen
प्रत्येक भोजन के बाद 100 कदम चलने से शरीर में अच्छी पाचन आदतों का विकास होता है। चित्र : अडोबी स्टॉक

8 सोने से पहले पैर साफ कर लें (cleaning feet before sleeping)

सोने से पहले पैर साफ कर लें। इससे अच्छी नींद आती है और दिमाग शांत होता है। हमारे तलवे में बहुत सारे तंत्रिका सिरे (nerve ends) होते हैं, जो उपचार को बहुत अधिक बढ़ावा देते हैं। इसलिए इसके लिए पदाभ्यंग (padabhyanga) करें। तलवों में तेल लगाकर दो अंगुलियों से मालिश कर लें

9 सिर लटकाकर लेटना (lying down by hanging head)

सोने से पहले कुछ मिनट तक सिर लटकाकर लेटें। इस तरह लेटने से बालों की सेहत, कंधे और सर्वाइकल के दर्द में सुधार होता है

10 बायीं करवट सोना (sleeping on left side)

अंत में बायीं करवट सोने से पाचन क्रिया को बढ़ावा मिलता है।

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