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कैलोरी के सेवन पर नजर रखना एक अच्छी आदत तभी तक है, जब तक आप इसे हेल्दी तरीके से कर रहें है। जब आप कैलोरी सेवन के प्रति आधिक ऑबसेशन दिखाने लगते है तब ये आपके लिए अनहेल्दी हो सकता है।

आज हर व्यक्ति खुद को एक बेस्ट वर्जन बनाना चाहता है। सोशल मीडिया पर आज कल सभी को एक तय स्टैंडर्ड के अंदर फिट होना है। बॉडी इमेज की समस्या आज हमारे लिए सबसे बड़ी परेशानी बन चुकी है। स्मार्ट गैजेट जो कि हमारे चलने से लेकर कैलोरी बर्न करने तक सभी चीजों का ब्योरा देतें हैं उसके कारण ये प्रेशर और भी बढ़ जाता है। फिटनेस और बॉडी इमेज का ये जुनून कई लोगों में इतना बढ़ जाता है कि वे कुछ भी खाने से पहले उसकी कैलोरी ही देखते है। इसके चक्कर में वे बहुत कम कैलोरी का सेवन करते है जो शरीर में एनर्जी का प्राथमिक स्रोत है।

क्या है कैलोरी काउंट ऑब्सेशन (What’s energy depend obsession)

कैलोरी के सेवन पर नजर रखना एक अच्छी आदत तभी तक है, जब तक आप इसे हेल्दी तरीके से कर रहें है। जब आप कैलोरी सेवन के प्रति आधिक ऑबसेशन दिखाने लगते है तब ये आपके लिए अनहेल्दी हो सकता है। इसके कारण लोग अक्सर भोजन की खपत पर लगातार नज़र रखने, सभी भोजन, स्नैक्स और पेय पदार्थों में कैलोरी की सावधानीपूर्वक गिनती करने जैसे व्यवहार दिखाना शुरू कर देते हैं। भोजन के विकल्पों को लेकर चिंता या गिल्ट, और किसी भी पार्टी में जाने से बचते है।

मेडिकवर अस्पताल के पोषण और आहार विज्ञान विभाग में कार्यरत डॉ. राजेश्वरी पांडा बताती है कि इसके चलते बहुत से लोग भोजन पर जरूरत प्रतिबंध लगाते हुए, बहुत व्यायाम करते हुए और बर्न हुई कैलोरी पर भी नजर रखते है, और रेस्तरां जैसे स्थानों में भोजन के विकल्पों को लेकर चिंतित हो सकते हैं।

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कौलोरी काउंट करने वाले लोग भोजन पर जरूरत प्रतिबंध लगाते हुए, बहुत व्यायाम करते है। चित्र- अडोबी स्टॉक

कैलोरी काउंट ऑबसेशन के साइड इफेक्ट (Aspect impact of energy depend obsession)

कैलोरी सेवन की नजर रखना वैसे तो एक हेल्दी रूप में देखा जाता है, पर जब ये आपके लिए ऑब्सेशन बन जाता है तो ये आपके दिमाग पर बहुत ज्यादा हावी हो जाता है जो आपको कंट्रोल करने लगता है, जिसके परिणामस्वरूप आप अस्वस्थ और कभी-कभी खतरनाक व्यवहार कर सकते हैं। इसके अलावा, कैलोरी काउंट पर अत्यधिक ध्यान देते है उनका वजन कम नहीं हो पाता है।

जो लोग कैलोरी का कम सेवन करते है वे अधिक थकान महसूस करते हैं और उन्हें हमेशा भूखे लगी रहती है और एक कारण यह है कि वे अक्सर वजन कम करने में विफल रहते हैं। इस तरह कैलोरी काउंट का ओब्शेसन खाने से संबंधित एंग्जाइटी, स्ट्रेस और गिल्ट में आपको ढकेल सकता है।

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अगर आप अपने कैलोरी लक्ष्य को किसी दिन नहीं पा पाते तो ये आपको निराशा की भावना दे सकती है। इसके कारण ऑर्थोरेक्सिया या अधिक खाने का डिस्ऑर्डर जैसी समस्या हो सकती है।

जानिए कैलोरी काउंट ऑबसेशन से बाहर निकलने के उपाय

कैलोरी के बारे में सही जानकारी लें

खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य के बारे में जानें और केवल कैलोरी की गिनती पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय पोर्शन साइज को समझने पर भी ध्यान दें। इससे आप बिना भूखे रहे अपने कैलोरी को कम कर सकते हैं।

अपने शरीर को प्रतिबंधित न करें

अपने शरीर की भूख और संतुष्टि के संकेतों को सुनें। बाहरी नियमों या कैलोरी लक्ष्यों पर निर्भर रहने के बजाय, जब भूख लगे तब खाएं और संतुष्ट होने पर खाना बंद कर दें। इससे आपके शरीर पर कोई प्रतिबंझ नहीं रहेगा।

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अगर आप अपने कैलोरी लक्ष्य को किसी दिन नहीं पा पाते तो ये आपको निराशा की भावना दे सकती है। चित्र- अडोबी स्टॉक

नकारात्मक विचारों को चुनौती दें

भोजन, बॉडी इमेज और वजन के बारे में किसी भी नकारात्मक धारणा या विचार को पहचानें और चुनौती दें। अपने आप को याद दिलाएं कि आपकी वैल्यु आपके द्वारा खाई जाने वाली कैलोरी की संख्या से निर्धारित नहीं होता है। बल्कि आपको मजबूत व्यक्तिव से होती है।

कैलोरी पर कम और पोषक तत्व पर ज्यादा ध्यान दें

आपको कैलोरी काउंट से ज्यादा इस बात पर धअयान देना चाहिए कि आप जो भी खाना खाएं वो पोषक तत्वों से भरपूर हो। जो आपके शरीर को पोषण देते हैं और आवश्यक विटामिन, खनिज और फाइबर प्रदान करते हैं।

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