ओवेरियन कैंसर के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, इसका सबसे बड़ा कारण महिलाओं द्वारा ओवेरियन कैंसर की शुरुआती लक्षण को नजरअंदाज करना है। आप ओवेरियन कैंसर को होने से नहीं रोक सकती, परंतु इसके शुरुआती लक्षण पर गौर कर समय रहते इसका इलाज शुरू करवा सकती हैं। हर साल भारत में लगभग 50,000 महिलाओं में ओवेरियन कैंसर का पता लगया जाता है। जिसमें से लगभग 80% महिलाओं का कैंसर तीसरी स्टेज में डिटेक्ट हो पता है। ओवेरियन कैंसर (ovarian cancer) के लक्षण बिल्कुल सामान्य लक्षण जैसे होते हैं, इसीलिए इन्हें पहचाना थोड़ा मुश्किल है। परंतु इसके प्रति जागरूक रहना और समय-समय पर जांच करवाते रहने से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है।

हेल्थ शॉट्स ने ओवेरियन कैंसर के लक्षण (ovarian cancer symptoms) को लेकर मारेंगो सीआईएमएस हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, डॉ नितिन सिंघल से बात की। डॉक्टर ने इस बीमारी के कुछ आम संकेत बताए हैं (early signs of ovarian cancer), वहीं इनमें से कोई भी संकेत नजर आए तो डॉक्टर ने जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी जांच करवाने की सलाह दी है।

क्या है ओवेरियन कैंसर का सर्वाइवल रेट

ग्लोबोकैन 2018 की फैक्ट शीट के अनुसार ओवेरियन कैंसर भारतीय महिलाओं में तीसरा और विश्व में आठवां सबसे आम कैंसर है। इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च द्वारा प्रकाशित एक डेटा के अनुसार ओवरऑल कैंसर केसेज में से लगभग 3.44% मामले ओवेरियन कैंसर के होते हैं। यदि ओवेरियन कैंसर को पहले स्टेज में डायग्नोज कर लिया जाए तो ओवेरियन कैंसर से पीड़ित लगभग 94% महिलाएं 5 साल तक जीवित रह सकती हैं। केवल 15% केस ही इस स्ट्रेज में डायग्नोसिस हो पाते हैं। लगभग 70 से 80% मामलों का पता तीसरे स्टेज में लग पाता है। इस स्टेज पर मामलों का पता लगने पर केवल 28% महिलाएं ही 5-वर्ष की अवधि को पूरा कर पाती हैं।

ओवेरियन कैंसर को साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है। ओवेरियन कैंसर या डिम्बग्रंथि कैंसर अंडाशय में बनने वाली कोशिकाओं की वृद्धि है। चित्र : अडोबी स्टॉक

यहां जानें ओवेरियन कैंसर के कुछ सामान्य लक्षण (early signs of ovarian cancer)

1. पेट में सूजन और ब्लोटिंग महसूस होना

ब्लोटिंग की समस्या कई कारणों की वजह से हो सकती है। इसके लिए आपका गलत खान-पान, पीरियड्स, शारीरिक स्थिरता आदि जिम्मेदार हो सकते हैं। यदि बार-बार ब्लोटिंग हो रही है, या पूरे दिन बिना किसी कारण के भी पेट फुला हुआ महसूस होता रहता है, तो यह ओवेरियन कैंसर का एक लक्षण हो सकता है। ओवेरियन कैंसर की शुरुआत में आपको पेट में किसी प्रकार का दर्द महसूस नहीं होता। यदि ब्लोटिंग के साथ दर्द नहीं हो रहा, तो इसका मतलब यह नहीं की आप खतरे से पूरी तरह बाहर हैं।

2. भूख की कमी महसूस होना

यदि आपको भूख की कमी महसूस हो रही है, या केवल थोड़ा सा खाना खाने के बाद ही पेट अधिक भरा हुआ महसूस होता है, तो यह ओवेरियन कैंसर का एक लक्षण हो सकता है। इस स्थिति में आपको अचानक से अपनी डाइट गिरती हुई नजर आएगी और साथ ही साथ इस दौरान आपका वजन भी कम होना शुरू हो जाता है। इस लक्षण को हल्के में न लें, फौरन किसी स्पेशलिस्ट से इलाज शुरू करवाएं।

3. यूरिन पर नियंत्रण न रख पाना

ओवेरियन कैंसर की स्थिति में ब्लैडर पर भी असर पड़ता है। इसकी वजह से महिलाओं को बार-बार यूरिन पास करने की इच्छा होती है, और एक बार यदि यूरिन पास करने की इच्छा हो जाए तो इस पर नियंत्रण पाना भी बेहद मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में कई बार महिलाओं को यूरिन पास करते हुए, जलन और दबाव का अनुभव हो सकता है।

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ओवेरियन कैंसर के बारे में जागरूक होना बहुत ज़रूरी। चित्र : शटरस्टॉक

4. वेजाइनल डिस्चार्ज और ब्लीडिंग

ओवेरियन कैंसर की स्थिति में अत्यधिक वेजाइनल डिसचार्ज और असामान्य रूप से वेजाइनल ब्लीडिंग का सामना करना पड़ सकता है। यदि पीरियड्स खत्म होने के बाद या मेनोपॉज के बाद आपको वेजाइनल ब्लीडिंग होती है, तो यह ओवेरियन कैंसर का एक लक्षण हो सकता है। इसलिए इसे भूलकर भी नजरअंदाज न करें।

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5. पाचन प्रक्रिया में बदलाव आना

यदि आपका पाचन क्रिया पहले पूरी तरह से स्वस्थ था और अचानक से आपको इसमें गड़बड़ी नजर आ रही है, तो सचेत हो जाएं, यह ओवेरियन कैंसर के लक्षणों में से एक हैं। कब्ज, डायरिया, खाने का लेट से पचना या खाना न पचना, उल्टी महसूस होना यह सभी ओवेरियन कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। यदि हर रोज बार-बार ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं, तो फौरन डॉक्टर से मिलें और जांच करवाएं।

6. थकान और दर्द महसूस होना

पेट के आसपास पेल्विक रीजन या फिर कमर के बीच के हिस्से में दर्द महसूस होना कैंसर का एक लक्षण हो सकता है। खासकर सेक्स करते हुए यदि आपको इनमें से किसी भी क्षेत्र में दर्द का अनुभव हो रहा है, तो आपको फौरन इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके अलावा ओवेरियन कैंसर की स्थिति में महिलाओं को अत्यधिक थकान महसूस होता है।

शारीरिक रूप से पूरी तरह स्थिर रहने की बाद भी यदि आपको अत्यधिक थकान महसूस हो रहा है और आपकी तमाम कोशिशें के बाद भी आप हर रोज इसी स्थिति से गुजरती हैं, तो आपको गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलकर चेकअप करवाने की आवश्यकता है।

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कैंसर के मरीज तेज़ दर्द से परेशान रहते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

जानें ओवेरियन कैंसर से कैसे करना है खुदका बचाव

ओवेरियन कैंसर से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रेगनेंसी प्रीवेंट करने के लिए सबसे जरूरी है सही और उचित कांट्रेसेप्टिव तरीके अपनाना। इसके अलावा सही उम्र में मां बनना और ब्रेस्टफीडिंग करवाना भी बेहद महत्वपूर्ण है। 30 वर्ष के बाद समय-समय पर ओवरी की जांच करवाते रहना चाहिए। इसके अलावा लाइफस्टाइल की आदतों पर ध्यान दें, जैसे कि सिगरेट से परहेज रखें, और हेल्दी और न्यूट्रिशस डाइट लें। इससे आपका बॉडी फंक्शन बेहतर तरीके से कार्य कर पता है। हालांकि, इन सभी के बावजूद आपको ओवेरियन कैंसर हो सकता है, इसलिए कोई छोटा सा भी संकेत नजर आने पर फौरन डॉक्टर से मिलें और उनके सलाह अनुसार आगे की चिकित्सीय कार्रवाई चालू करें।

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