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कंसीव करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण है अपने खान-पान में उचित बदलाव लाना। तो आज हम बात करेंगे ऐसे ही कुछ डाइटरी चेंजेज के बारे में जिसे हर महिला को कंसीव करने के पहले अपनाना चाहिए।

कंसीव करने से पहले महिलाओं को अपनी बॉडी को प्रिपेयर करना बहुत जरूरी होता है। हम नियमित जीवनशैली में कई ऐसी गतिविधियां करते हैं, जिससे कि हमारी फर्टिलिटी पर नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसे में जब आप फैमिली प्लानिंग करती हैं और कंसीव करने का सोच रही होती हैं, तो कुछ महीने पहले से आपको इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। ताकि आपको कंसीव करने में किसी तरह की परेशानी न हो और आप कॉम्प्लिकेशन फ्री प्रेगनेंसी एंजॉय कर सके। इसमें सबसे महत्वपूर्ण है अपने खान-पान में उचित बदलाव लाना। तो आज हम बात करेंगे ऐसे ही कुछ डाइटरी चेंजेज के बारे में जिसे हर महिलाओं को कंसीव करने के पहले अपनाना चाहिए। हालांकि, फर्टिलिटी मेंटेन करने के लिए सभी को शुरुआत से ही अपनी डाइट पर ध्यान देना चाहिए।

हेल्थ शॉट्स ने इस बारे में सीके बिरला हॉस्पिटल, गुरुग्राम की गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट की हेड डॉ. आस्था दयाल, से बात की। तो चलिए जानते हैं डाइट मैनेजमेंट के टिप्स।

जानें इसपर क्या कहती हैं एक्सपर्ट

डॉक्टर कहती हैं कि “कंसीव करने से पहले डाइट मैनेजमेंट पर ध्यान देना बेहद महत्वपूर्ण है, जो आपके बच्चे और आपके स्वयं के स्वास्थ्य दोनों का समर्थन करेगा। फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए स्वस्थ वजन का लक्ष्य रखें और न्यूरल ट्यूब असामान्यताओं को रोकने के लिए फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स लेने से शुरुआत करें।”

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प्रेगनेंसी में इस तरह रखें अपना ध्यान। चित्र : एडॉबीस्टॉक

“प्रोसेस्ड फूड्स और मीठे स्नैक्स को सीमित करें और फल, सब्जियों, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरे संतुलित आहार को फॉलो करें। साथ ही खूब सारा पानी पिएं, शराब और कैफीन का सेवन कम करें और अपने भोजन में आयरन, कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें (Dietary adjustments earlier than you conceive)।”

“अंत में, फूड एलर्जी तथा अन्य तरह की बीमारियों से बचने के लिए, कच्चे या अधपके भोजन से दूर रहें। किसी प्रशिक्षित आहार विशेषज्ञ या स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर से सलाह लेने पर आपके स्वास्थ्य और जरूरतों के आधार पर अनुकूलित सिफारिशें दी जा सकती हैं। इन तरह डाइट को मैनेज करके, आप स्वस्थ गर्भावस्था की संभावना बढ़ा सकते हैं और अपने बच्चे को सर्वोत्तम शुरुआत प्रदान कर सकते हैं।”

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यहां जानें महिलाओं को किन डायट्री चंजेज पर ध्यान देना चाहिए (Dietary adjustments earlier than you conceive):

1. फोलिक एसिड को दें प्राथमिकता

प्रेगनेंसी के दौरान फोलिक एसिड की उचित मात्रा बेहद मायने रखती है। यह पोषक तत्व बर्थ डिफेक्ट के खतरे को कम कर देता है और आपके बच्चे के उचित ग्रोथ को सुनिश्चित करता है। पर्याप्त मात्रा में पत्तेदार सब्जियां, दाल, साबुत अनाज का सेवन करें। पूरे दिन में पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड लेने का प्रयास करें।

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2. साबुत अनाज का सेवन करें

प्रोसेस्ड और रिफाइंड कार्ब्स को डाइट से बाहर निकाल दें और उन्हें साबुत अनाज वाले कार्बोहाइड्रेट से बदलें। ब्राउन राइस, क्विनोआ, साबुत गेहूं की ब्रेड और जई, आदि जैसे खाद्य पदार्थ फाइबर, विटामिन बी और आयरन से भरपूर होते हैं। ये सभी स्वस्थ ओव्यूलेशन और हार्मोन संतुलन के लिए आवश्यक होते हैं।

garbhawastha ke dauran khanpan ka vishesh khyal rakhna chahiye, taki jaccha aur baccha dono swasthya rahein
गर्भावस्था के दौरान खानपान का विशेष ख्याल रखना चाहिए, ताकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। चित्र : शटरस्टॉक।

3. लीन प्रोटीन है जरूरी

प्रोटीन आपके बच्चे के ग्रोथ के लिए बिल्डिंग ब्लॉक्स की आपूर्ति करता है। ऐसे में चिकन, मछली, बीन्स, दाल और टोफू जैसे लीन स्रोतों का चयन करें। सैल्मन और टूना जैसी फैटी फिश ओमेगा-3 प्रदान करती हैं, जो मस्तिष्क के विकास के लिए आवश्यक है।

4. हेल्दी फैट लें

तले हुए खाद्य पदार्थों और प्रोसेस्ड स्नैक्स में पाए जाने वाले रिफाइंड और ट्रांस फैट से पूरी तरह से परहेज रखें। इसके बजाय अपनी डाइट में हार्ट हेल्दी ओमेगा -3 और मोनोअनसैचुरेटेड फैट के लिए जैतून का तेल, एवोकाडो, नट्स और बीजों को शामिल करें, जो हार्मोंस को संतुलित रखता है और अंडों की सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

6. चीनी और रिफाइंड कार्ब्स की मात्रा को सीमित करें

ब्लड में शुगर की बढ़ती मात्रा आपके हार्मोन और ओव्यूलेशन के लिए बेहद नकारात्मक साबित हो सकती है। ऐसे में शुगर युक्त ड्रिंक, सफेद ब्रेड, पेस्ट्री और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। निरंतर ऊर्जा और हार्मोन संतुलन के लिए साबुत अनाज, फल और सब्जियों का सेवन करें।

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डाइट का रखें खास ध्यान। चित्र : एडॉबीस्टॉक

7. हाइड्रेटेड रहें

पानी प्रजनन प्रणाली सहित सभी शारीरिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होता है। प्रतिदिन 8-10 गिलास पानी पीने का लक्ष्य रखें, खासकर यदि आप व्यायाम करते हैं या गर्म वातावरण में रहते हैं।

8. कैफीन और अल्कोहल से परहेज करें

हालांकि कभी-कभार एक कप कॉफी पीना ठीक हो सकता है, लेकिन अत्यधिक कैफीन और शराब का सेवन अंडे की गुणवत्ता और शुक्राणु के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। यदि आप कंसीव करने का सोच रही हैं तो अल्कोहल को पूरी तरह से अवॉइड करें और कैफ़ीन की एक सीमित मात्रा का लक्ष्य बनाएं।

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