Photograph:FILE पिछले साल के अगस्त-सितंबर महीने के करीब इसकी शुरुआत हो जाती है।

देश का आम बजट आगामी 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। हालांकि यह अंतरिम बजट होगा, क्योंकि इस साल लोकसभा चुनाव होने हैं। केंद्रीय बजट, भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय के साथ एक वार्षिक वित्तीय विवरण होता है। केंद्रीय बजट किसी सरकार की फंडिंग और उसकी अर्थव्यवस्था को आकार देने, देश की नीति संरचना को रेखांकित करने में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। संतुलित आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, एक बजट को तैयार करने के लिए कई महीनों की योजना और मशक्कत की जरूरत होती है। इसमें सरकार के कई डिपार्टमेंट को एक साथ मिलकर काम करना होता है।

पर्दे के पीछे बहुत सारे लोग शामिल होते हैं

आम बजट या केंद्रीय बजट (भाषण) वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत किया जाता है लेकिन इसकी तैयारी में पर्दे के पीछे बहुत सारे लोग शामिल होते हैं। केंद्रीय बजट आर्थिक मामलों के विभाग के तहत बजट प्रभाग द्वारा तैयार किया जाता है। यह प्रभाग केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा संचालित होता है। बजट की प्रक्रिया बजट पेश होने की तारीख से करीब छह महीने पहले ही शुरू हो जाता है। एक तरह से समझें कि पिछले साल के अगस्त-सितंबर महीने के करीब इसकी शुरुआत हो जाती है।

वित्त मंत्रालय सर्कुलर जारी करता है

केंद्रीय वित्त मंत्रालय सभी मंत्रालयों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सर्कुलर जारी करता है, राजस्व विभाग और दूसरे बड़े अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाती है और फिर वित्त मंत्रालय को भेजा जाता है। समग्र बजट घाटे का पता लगाने और गणना करने के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा अनुमानित राजस्व और व्यय की तुलना की जाती है। बजट घाटे का अवलोकन करने के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार से सलाह ली जाती है। इसके बाद वित्त मंत्रालय विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को राजस्व (बजट) आवंटित करता है।

प्रधानमंत्री के साथ चर्चा

वित्त मंत्रालय हितधारकों, ट्रेड यूनियनों, अर्थशास्त्रियों, बैंकरों और दूसरे राज्य प्रतिनिधियों के साथ बजट अलॉटमेंट के बारे में बजट-पूर्व परामर्श करता है। परामर्श के बाद मंजूरी मिलने के बाद, वित्त मंत्री अस्थायी बजट के बारे में प्रधान मंत्री के साथ चर्चा के लिए जाते हैं। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्रीय बजट आखिरकार वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश किया जाता है। केंद्रीय बजट का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया का नेतृत्व प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) और वित्त मंत्रालय के शीर्ष नौकरशाहों द्वारा किया जाता है।

ये दिग्गज हैं बजट टीम में शामिल

मनीकंट्रोल की खबर के मुताबिक वित्त मंत्रालय में प्रमुख योगदानकर्ताओं में संजय मल्होत्रा, अजय सेठ, तुहिन कांता पांडे, विवेक जोशी, टीवी सोमनाथन और वी अनंत नागेश्वरन शामिल हैं। पीएमओ की भूमिका महत्वपूर्ण है, जिसमें पीके मिश्रा, अरविंद श्रीवास्तव, पुण्य सलिला श्रीवास्तव, हरि रंजन राव और आतिश चंद्रा जैसे व्यक्ति नीतिगत मामलों, वित्त और शासन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। पूंजीगत व्यय की देखरेख करने वाले टीवी सोमनाथन और महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों का प्रबंधन करने वाले पीके मिश्रा बजट की दिशा तय करने में विशेष रूप से प्रभावशाली हैं।

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