Photograph:PTI गौतम अडाणी

साल 2023 खत्म होने को है। इस साल उद्योग जगत में सबसे चर्चित घटना अडाणी ग्रुप को लेकर रही। अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा अडाणी ग्रुप पर शेयरों की हेराफेरी का आरोप लगाने के बाद कॉरपोरेट वर्ल्ड और शेयर बाजार में भूचाल आ गया है। अडाणी ग्रुप की सभी लिस्टेड कंपनियों में भयंकर बिकवाली शुरू हो गई। इसके चलते अडाणी ग्रुप का मार्केट कैप आधे से कम रह गया। इसका असर गौतम अडाणी की संपत्ति पर भी हुआ। दुनिया के अमीरों की सूची में वो लुढ़ककर 24वें पायदान पर पहुंच गए। 


हालांकि, साल खत्म होने से पहले ही हिंडनबर्ग से सारे आरोपों से पाक-साफ़ निकलकर अडाणी फिर से अपनी बादशाहत कायम करने में सफल हो गए हैं। कह सकते हैं कि एक साल में अर्श से फर्श और अब फिर नई बुलंदी पर पहुंच गए हैं। हाल के दिनों में अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई है। इससे वो अमीरों की सूची में 15वें स्थान पर पहुंच गए हैं। साथ ही ग्रुप कंपनियों के स्टॉक में निवेश करने वाले निवेशकों की बंपर कमाई भी हुई है। 

सोचा-समझा हमला पहले ही बताया था 

दुनिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शुमार गौतम अडाणी पर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा उनके बिजनेस समूह पर स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी के आरोप लगाने के बाद कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। अडाणी ने आरोपों को नकारते हुए इसे भारत पर “सोचा-समझा हमला” बताया था। हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के आने के बाद बाजार लगभग धराशायी हो चुका था। इस हमले ने समूह की 9 सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार मूल्य में 150 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान पहुंचाया था। आपको बता दें कि 24 जनवरी को हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडाणी समूह पर दशकों से “कॉर्पोरेट इतिहास में सबसे बड़े घोटाले को अंजाम देने” का आरोप लगाया, जिसमें “स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी” भी शामिल थी।

वरदान साबित हो सकता है गलत आरोप 

लेकिन, अब इंफ्रास्ट्रक्चर किंग को बर्बाद करने की इस शॉर्ट-सेलर की नाकाम कोशिश, अडाणी ग्रुप के लिए वरदान साबित हो सकती है। अब ना सिर्फ बाजार की रौनक लौट चुकी है, बल्कि, अडाणी ग्रुप का घाटा भी काफी हद तक कम होकर 64 अरब डॉलर पर आ गया। अडाणी एंटरप्राइजेज के शेयर अभी भी 18% कम हैं। साथ ही 27 अरब डॉलर अदाणी पोर्ट्स और 24 अरब डॉलर अडाणी पावर जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से 36% और 89% ऊपर हैं।

संकट में चमके गौतम अडाणी 

गौतम अडाणी ने संकट का भरपूर फायदा उठाया। निवेशकों का विश्‍वास बढ़ाने के लिए उन्होंने अपनी कुछ कंपनियों में जीक्यूजी और अबू धाबी समूह इंटरनेशनल होल्डिंग जैसे निवेशकों का स्वागत किया, जिससे समूह को काफी मदद मिली। अडाणी ने स्टॉक द्वारा समर्थित कर्ज का भी भुगतान किया, उदाहरण के तौर पर अडाणी पोर्ट्स में सिर्फ 2.4% शेयर, सितंबर तिमाही तक गिरवी रहे और दिसंबर 2022 के आखिर में 17.3% से कम हैं।

कर्ज में तेजी से आई गिरावट 

कैलकुलेट रिस्क ने समूह की तेजी से वृद्धि, लेवरेज और वैल्यूएशन का टेस्ट भी लिया। जबकि, शुद्ध कर्ज करीब 22 अरब डॉलर पर काफी हद तक अपरिवर्तित है। एबिटडा में कैश फ्लो की प्रॉक्सी बढ़ गयी है, जिससे कंसोलिडेटेड अनुपात 3.3 गुना से घटकर 2.5 गुना हो गया है। एलएसईजी डेटा के मुताबिक मार्किट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से चार सबसे बड़े बिजनेस की कमाई 89 और 202 गुना के बीच है।

विदेशी निवेशकों ने जमकर किया निवेश

इस बीच, अडाणी की ब्लू-चिप सपोर्ट, जिनमें टोटल एनर्जीज़, विल्मर इंटरनेशनल, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और सिंगापुर के डीबीएस समेत वैश्विक बैंकों का समूह शामिल है। फ्लोरिडा स्थित जीक्यूजी पार्टनर्स, जिसने इस साल समूह पर बड़ा दांव लगाया था, उसका परिणाम ये हुआ कि समूह की पांच कंपनियों में उसने अपने इंनवेस्टमेंट वैल्यू में बढ़ोतरी देखी।

अब संकट टल चुका है, तेजी की पूरी उम्मीद

समूह की न्यूनतम पब्लिक शेयर होल्डिंग के बारे में कुछ सवालों का जवाब अभी नहीं तक मिला है। लेकिन, अगर जवाबों में कहीं उल्लंघन पाया गया तो उन पर सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) से जुर्माने से थोड़ा अधिक लग सकता है। ऑल टाइम हाई पर कारोबार कर रहे भारतीय शेयरों को लेकर व्यापक उत्साह से रेगुलेटर की कमियां भी फिलहाल दूर हो गई हैं। अदाणी की कोलंबो बंदरगाह परियोजना में अमेरिकी सरकार का निवेश भी इस पर मुहर लगाता है।

इन सेक्टर में फैला है ग्रुप का कारोबार

अडाणी बंदरगाहों और हवाईअड्डों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में भारत का सबसे बड़ा निजी ऑपरेटर है। रिन्यूएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन में उनका निवेश पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को तेल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है। हिंडनबर्ग की झूठी रिपोर्ट ने कम से कम समूह के बारे में मुंबई के वित्तीय हलकों में बेचैनी को काफ़ी कम कर दिया है और इससे भारत की तरक्की की तस्वीर भी दिखने लगी।

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